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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बीवी का जिंदा जलाने के आरोपी पति की जमानत नामंजूर

By Sunil NegiEdited By:
Published: Sat, 17 Dec 2016 07:57 PM (IST)Updated: Sun, 18 Dec 2016 07:06 AM (IST)

दहेज की खातिर बीवी को जिंदा जलाने के मामले में आरोपी पति की जमानत अर्जी जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने खारिज कर दी है।

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नैनीताल, [जेएनएन]: जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी की कोर्ट ने दहेज की खातिर बीवी की केरोसिन डालकर जिंदा जलाने के मामले में आरोपी पति की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।

12 सितंबर 2016 को नैनीताल जिले के बिंदुखत्ता सुभाष नगर निवासी हरीश जोशी की पत्नी हेमा संदिग्ध परिस्थितियों में जल गई थी। जिसे पहले सुशीला तिवारी चिकित्सालय फिर निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से रेफर कर दिया, इसके बाद उसकी मौत हो गई। इस मामले में मृतका के पिता ग्राम पिनरौ, भीमताल निवासी माधव पलड़िया ने कोतवाली में दामाद हरीश जोशी पुत्र लीलाधर, निवासी सुभाष नगर बिंदुखत्ता के खिलाफ तहरीर दी। जिसमें कहा गया कि उनकी बेटी हेमा की शादी 27 नवंबर 2007 को हरीश के साथ हुई।

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सामर्थ्य के अनुसार दहेज भी दिया, मगर ससुराली शारीरिक मानसिक उत्पीड़न करते रहे। कई बार दामाद को आर्थिक स्थिति का हवाला दिया मगर उसका जुल्म जारी रहा। 12 सितंबर को उसने हेमा को केरोसिन डालकर जिंदा जला दिया। पुलिस ने इस मामले में धारा-302 व 498 के तहत केस दर्ज करते हुए हरीश को गिरफ्तार किया ओर कोर्ट की पेशी के बाद जेल भेज दिया।

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इधर आरोपी ने जिला जज की कोर्ट में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दायर किया। डीजीसी फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के बच्चों ने धारा-164 के बयान में साफ कहा कि उसने मारपीट करने के बाद केरोसिन डालकर मां को आग लगाई थी, लिजाहा आरोपी जमानत का हकदार नहीं है। जिसके बाद कोर्ट ने जमानत नामंजूर कर दी।

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