जागरण संवाददाता, हल्द्वानी: पूनम हत्याकांड की एकमात्र चश्मदीद अर्शी पांडे 18 दिन बाद गुरुवार को अस्पताल से डिस्चार्ज हो गई। दोपहर में परिजन उसे लेकर घर चले गए। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर घर पर पुलिस का पहरा रहेगा। दो जवान हर वक्त उसकी सिक्योरिटी में तैनात रहेंगे। इसके अलावा पीएसी कर्मी भी उस इलाके में गश्त करेंगे। गोरापड़ाव निवासी ट्रांसपोर्टर लक्ष्मी दत्त पांडे की पत्‍‌नी पूनम पांडे ने देर रात घर में घुसकर निर्मम तरीके से हत्या कर दी थी। वहीं बेटी अर्शी को गंभीर रूप से घायल कर गए। उसके बाद से अर्शी का नैनीताल रोड स्थित कृष्णा अस्पताल में पुलिस सुरक्षा में उपचार चल रहा था। अस्पताल के डॉ. हरभजन सिंह ने बताया कि उसे भर्ती होने से पहले उसके सिर में गंभीर चोट थी। इसके अलावा जबड़े का ऑपरेशन भी किया गया। हालत में सुधार आने पर दोपहर में परिजन उसे लेकर घर रवाना हो गए। डॉ. हरभजन ने बताया कि फिलहाल अर्शी को पूर्णतय स्वस्थ्य होने के लिए कुछ दिनों तक देखभाल की जरूरत है। वहीं उसकी सुरक्षा को लेकर एक महिला और पुरुष सिपाही की ड्यूटी घर पर लगाई गई है। घर लौटी पर कुछ बताया नहीं: अर्शी पांडे 18 दिन तक अस्पताल में भर्ती रही। हत्याकांड की चश्मदीद होने के कारण पुलिस से लेकर एसआइटी तक ने उससे पूछताछ कर जानकारी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। उसके बयान हर बार अलग होते। जिस वजह से पुलिस भी परेशान रही। तीन दिन पूर्व ही उसे मां की मौत के बारे में बताया गया था। गंभीर चोट और सदमे की वजह से भी वो घटना के बारे में ज्यादा बता नहीं सकी। खुलासे को लेकर फिर हुआ मंथन पूनम हत्याकांड पुलिस के बाद अब एसआइटी के लिए भी चुनौती बन चुका है। तमाम कोशिशों के बावजूद खुलासे को लेकर कोई ठोस क्लू नहीं मिल सका। शुक्रवार शाम दोबारा जांच में जुटी टीमों ने मंथन किया। शुक्रवार को अर्शी अस्पताल से डिस्चार्ज हो गई। पुलिस उसकी सुरक्षा को लेकर गंभीर है। इस वजह से घर के आसपास पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। जन्मेजय खंडूरी, एसएसपी