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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kashipur Assembly Seat : काशीपुर सीट को लेकर सभी दलों की जोर आजमाइश, वर्तमान परिदृश्‍य को समझिए

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Tue, 30 Mar 2021 10:59 AM (IST)Updated: Tue, 30 Mar 2021 11:55 AM (IST)

Kashipur Assembly Seat काशीपुर में पिछले चार विधानसभा चुनावों में भाजपा का कब्‍जा रहा है। लेकिन इस बार हालात बदले ...और पढ़ें

काशीपुर सीट को लेकर सभी दलों की जोर आजमाइश, वर्तमान परिदृश्‍य को समझिए
काशीपुर सीट को लेकर सभी दलों की जोर आजमाइश, वर्तमान परिदृश्‍य को समझिए

काशीपुर, जागरण संवाददाता : काशीपुर में पिछले चार विधानसभा चुनावों में भाजपा का कब्‍जा रहा है। लेकिन इस बार हालात बदले दिखाई दे रहे हैं। इस सीट पर 2002 से विधायक हरभजन सिंह चीमा लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं। वहीं अब अकाली दल से गठबंधन टूटने और के के स्वास्थ्य कारणों के चलते इस बार भाजपा नए उम्मीदवार की तरफ देख रही है। सूबे के दो मंत्रियों की भी नजर इस सीट पर टिकी है। वहीं कांग्रेस से टिकट मांगने वालों की लंबी फेहरिस्ट है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत खुद पिछले कुछ माह में 10 से अधिक दौरा काशीपुर का कर चुके हैं। वहीं आम आदमी पार्टी ने भी प्रदेश में सबसे ज्यादा जोर काशीपुर से ही लगाया है। ऐसे में आने वाले समय में विधानसभा के लिए त्रिकोणीय मुकाबला भी देखने को मिल सकता है।

काशीपुर सीट पर भाजपा के सिंबल पर अकाली दल के प्रदेश अध्यक्ष हरभजन सिंह चीमा को मौका मिलता आया है, लेकिन इस बार केन्द्र में अकाली दल के साथ  गठबंधन टूटने के बाद से ही सीट को लेकर भाजपा में आवाजें उठनी शुरू हो गईं। समय- समय पर सरकार विरोधी बयान देकर भाजपा के निशाने पर रहने वाले विधायक हरभजन सिंह चीमा का स्वास्थ्य भी पिछले दो माह से ठीक नहीं चल रहा है, ऐसे में आने वाले चुनाव में उनके टिकट पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं।

भाजपा अभी से नए दावेदारों के लिए आंतरिक सर्वे भी करा रही है, जिससे काशीपुर जैसी सीटों पर पार्टी काबिज रह सके। काशीपुर सीट पर संभावनाओं के नए द्वार खुलने पर एक तरफ भाजपा नेत्री और वर्तमान में मेयर ऊषा चौधरी की तरफ से दावेदारी तेज कर दी गई है, वहीं संगठन की तरफ से प्रदेश महामंत्री के तौर काम करने वाले आशीष गुप्ता भी इस दौड़ में आगे बढ़ रहे हैं। भाजपा की तरफ से काशीपुर सीट से नए दावेंदारों की तलाश में दो मंत्रियों के नाम भी चल रहे हैं जो पहले से तराई क्षेत्र के अन्य विधानसभा से जीतकर आए हैं।

काशीपुर सीट पर हरदा की नजर...

पूर्व सीएम हरीश रावत की काशीपुर क्षेत्र से विशेष लगाव किसी से छिपा नहीं है जनवरी से अभी तक तकरीबन छह बार से ज्यादा काशीपुर का दौरा कर चुके हैं। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि हरदा आने वाले दिनों में इस सीट पर अपने बेटे के लिए दावेदारी कर सकते हैं। कांग्रेस में संगठन स्तर पर पहले से काशीपुर में तीन से चार प्रमुख दावेदार अभी से टिकट पाने के लिए जुट गए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में संगठन की पसंद और और हरदा की पसंद को लेकर कांग्रेस में गुटबाजी देखने को मिल सकती है।

आप त्रिकोणीय बनाएगी मामला

आम आदमी पार्टी ने आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए उत्तराखंड के सभी सीटों से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। काशीपुर सीट भी आम आदमी पार्टी के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होने वाली है, पार्टी प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक बाली का नाम इस सीट पर करीब करीब तय कर चुकी है। यही कारण था कि पिछले दिनों उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने काशीपुर से ही चुनावी यात्रा का शंखानाद किया। आप पार्टी के इस चुनावी समर में कूदने से इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है।

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