Move to Jagran APP

Guldar Terror: भीमताल में 13 दिन में गुलदार का तीसरा शिकार बनी युवती, लोगों में आक्रोश; वन विभाग पर लगाया आरोप

Guldar Terror भीमताल में आदमखोर वन्य जीव का आतंक दहशत का पर्याय बन चुका है। 13 दिन के भीतर गुलदार ने तीन महिलाओं को मार डाला है। गुलदार ने उसके गले में दांत गड़ा रखे थे और वह दम तोड़ चुकी थी। इंटर पास निकिता तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर की थी। बड़ी बहन चंडीगढ़ में नौकरी करती है और भाई पढ़ाई कर रहा है विपिन शर्मा किसान हैं।

By nirmal singh negiEdited By: Swati SinghWed, 20 Dec 2023 09:46 AM (IST)
भीमताल में 13 दिन में गुलदार का तीसरा शिकार बनी युवती, लोगों में आक्रोश

जागरण संवाददाता, भीमताल। विकासखंड भीमताल में आदमखोर वन्य जीव का आतंक दहशत का पर्याय बन चुका है। 13 दिन के भीतर गुलदार ने तीन महिलाओं को मार डाला है। मंगलवार शाम युवती को मारने वाले आदमखोर को ढेर करने की मांग के साथ ही आक्रोशित ग्रामीणों ने एसडीएम व डीएफओ का घेराव किया। साथ ही आतंक से निजात दिलाने पर ही शव उठाने का एलान कर दिया।

ग्राम सभा अलचौना के तोक ताड़ा में मंगलवार शाम करीब साढ़े चार बजे 19 वर्षीय निकिता शर्मा घर से कुछ दूरी पर स्वजन व पड़ोसियों के साथ खेत में घास काटने जा रही थी। पहले से घात लगाए बैठे गुलदार ने निकिता पर अचानक हमला कर दिया और उसे घसीटते हुए करीब आधे किमी तक ले गया। पिता विपिन शर्मा भी हल्ला मचाते हुए उसके पीछे-पीछे भागे।

किसानों में है आक्रोश

इसके बाद खेतों में काम कर रहे अन्य लोग भी शोर मचाते हुए पहुंचे तो गुलदार युवती को छोड़ जंगल की ओर भागा। गुलदार ने उसके गले में दांत गड़ा रखे थे और वह दम तोड़ चुकी थी। इंटर पास निकिता तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर की थी। बड़ी बहन चंडीगढ़ में नौकरी करती है और भाई पढ़ाई कर रहा है विपिन शर्मा किसान हैं। निकिता की मौत से ग्रामीणों में भी दुख के साथ आक्रोश पनप गया। शाम को एसडीएम प्रमोद कुमार व रेंजर विजय मेलकानी घटनास्थल पर पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका घेराव कर दिया।

नरभक्षी गुलदार के हमले से दहशत, स्कूल बंद

भीमताल ब्लाक की ग्रामसभा अलचौना के ताडा में नरभक्षी के हमले से मरी निकिता शर्मा की मौत के बाद से ग्रामीणों और परिजनों में वन विभाग के लिए आक्रोश है। ग्रामीणों ने डीएफओ चंद्रशेखर जोशी और एसडीएम प्रमोद कुमार का घेराव कर इसे वन विभाग और प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। डीएफओ और एसडीएम को तीन घंटे तक ग्रामीणों के आक्रोश का सामना करना पड़ा।एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि बुधवार को अलचौना क्षेत्र के सभी स्कूल बंद रहेंगे ।

लोगों ने आक्रोश ने कही ये बातें

  • 1- वन विभाग की लापरवाही से युवती की जान गई है। ग्रामीण वन विभाग से क्षेत्र में पिंजरा लगाने की मांग करते रहे पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। - दिनेश लोशाली, समाजसेवी
  • 2- पूर्व में क्षेत्र में बाघ दिखने की सूचना वन विभाग को दी गई थी। वन विभाग ने ड्रोन उड़ाकर देखा था लेकिन कुछ नजर नहीं आया था। उस समय विभाग सक्रिय होता तो शायद युवती की जान नहीं गई होती।-  आनंदमणि भट्ट, स्थानीय निवासी
  • 3- मौत के लिए वन विभाग जिम्मेदार है। विभाग की लापरवाही से एक परिवार ने अपनी बेटी खो दी। युवती की मौत के बाद ग्रामीणों में दहशत फैली है। - पूरन भट्ट, ग्राम प्रधान
  • 4- विभाग ने पिंजरा और वन कर्मियों की गश्त कराई होती तो शायद यह सब नहीं होता। बाघ लगातार क्षेत्र में घूम रहा है लेकिन विभाग सोया हुआ है। विभाग को जल्द बाघ को पकड़ना चाहिए। - घनश्याम पांडे, स्थानीय निवासी

यह भी पढ़ें: 

Almora: उत्तराखंड में 7 हजार फीट ऊंचाई वाले पहाड़ पर दिखा बाघ, अधिकारी भी हैरान; पहली बार इस साल आया था नजर