संवाद सूत्र, चोरगलिया : चोरगलिया में जुड़े चोर शब्द को खारिज करने को लेकर रविवार को ग्रामीणों की महापंचायत हुई। चार दशक पहले नरेंद्रनगर नाम रखकर देख चुके अधिकांश क्षेत्रवासियों को भगवान विष्णु का नारायण नाम भाया। सभी की सहमति बनी तो चोरगलिया का नाम नारायणनगर कर दिया गया। इधर, कुछ ऐसे भी लोग थे, जिनके हाथ में 'नाम नहीं विकास चाहिए' लिखी तख्तियां थी। नाम बदले जाने के विरोध के साथ पहुंचे लोगों को पुलिस ने रोका और महापंचायत से खदेड़ दिया। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने बाजार क्षेत्र में जुलूस निकालकर नाम बदलने की मुहिम का विरोध किया।

चोरगलिया के नाम परिवर्तन को लेकर रविवार को 10 बजे से सिंचाई विभाग के विश्राम गृह में महापंचायत बुलाई गई थी। इसमें चोरगलिया क्षेत्र की चार ग्राम पंचायतों लाखनमंडी, नयागांव कटान, आमखेड़ा व खनवाल कटान के करीब 250 लोगों ने शिरकत की। 10:30 बजे से चर्चा शुरू हुई। एक-एक कर लोगों से नए नाम का सुझाव मांगा जाने लगा। थोड़ी देर बाद ही कार्यक्रम स्थल के बाहर नाम बदलने की मुहिम का विरोध करते हुए 25-30 युवा एकजुट हो गए। विरोध के स्वर जुबान के साथ-साथ तख्तियों पर भी नजर आ रहे थे। हंगामे की आशंका पर पहले से तैनात सीओ हल्द्वानी आरएस ह्यांकी व लालकुआं सीओ महेशानंद गैरोला के निर्देश पर पुलिस कर्मियों ने उन्हें बाहर ही रोक दिया। विरोध तेज हुआ तो पुलिस ने सभी को मौके से खदेड़ दिया। साथ ही कई विरोध करने वाले इसके बाद नगर क्षेत्र में घूमे और चोरगलिया का नाम नहीं सोच बदलें नारे लगाने लगे। बाजार क्षेत्र में पुलिस का पहरा रहा।

इधर, हंगामा शांत होने के बाद महापंचायत में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इसमें मौजूद करीब 250 लोगों ने हस्ताक्षर कर चोरगलिया की जगह पर नारायणनगर नाम रखने की सहमति दे दी। महापंचायत में लोगों ने नाम बदलने से किसी तरह की दिक्कत न आने की बात भी कही। साथ ही कहा कि चोरगलिया नाम की वजह से उन्हें आगे शर्मिदा नहीं होना पड़ेगा। महापंचायत में संघर्ष समिति के सूत्रधार मनोज बर्गली ने बताया कि मंगलवार को एक शिष्टमंडल तीन हजार लोगों के हस्ताक्षर युक्त दस्तावेज लेकर सीएम से मिलने देहरादून जाएगा। सीएम से मांग की जाएगी कि जल्द ही बदले हुए नाम का शासनादेश जारी किया जाए।

नारायणनगर भी हैं कई

चोरगलिया : महापंचायत में चोरगलिया का नाम अब नारायणनगर किए जाने को लेकर अधिकांश क्षेत्रवासी भले ही सहमत हो गए हों, लेकिन समस्या 1978 वाली ही फिर से नजर आने लगी है। दरअसल तब भी चोरगलिया का नाम बदलकर नरेंद्रनगर रखा गया था। तब गढ़वाल में नरेंद्रनगर होने की वजह से यहां के तमाम पत्र आदि वहां पहुंच जाते थे। लोगों की जुबान पर नरेंद्रनगर नहीं चढ़ पाया था और सालभर के भीतर ही फिर चोरगलिया ही शुरू हो गया। इधर, नारायणनगर नाम से हल्द्वानी में कालोनी व नैनीताल में गांव है। संभव है कि वही दिक्कत फिर से आने लगे। हालांकि अधिकांश क्षेत्रवासी अब नाम बदलने के लिए साथ खड़े नजर आ रहे हैं। सभी को इंतजार अब प्रशासन व शासन के कदम का है।