20 तोला सोना ले बच्चों संग आत्महत्या करने निकली BSNL में तैनात अधिकारी की पत्नी, जानें- क्या कहा और कैसे बची जान
बीस तोला सोनकर महिला अपने दो बच्चों के साथ घर से निकली। उसने मन बना लिया था कि वो आत्महत्या कर लेगी लेकिन बस चालक और पुलिस की सतर्कता से महिला और बच्चों की जान बच गई। आखिर महिला सोना लेकर क्यों निकली और उसने क्या कहा जानिए...
जागरण संवाददाता, रुड़की। भारत संचार निगम लिमिटेड उत्तरप्रदेश में तैनात एक अधिकारी की पत्नी घर से 20 तोला सोना लेकर आत्महत्या करने हरिद्वार जा रही थी। महिला के साथ उसके दो बच्चे भी थे। ऐन वक्त पर रुड़की पुलिस को इसकी भनक लग गई। पुलिस ने महिला की काउंसिलिंग की और उसके पति को बुलाकर उसे उनके हवाले कर दिया।
दरअसल, उत्तरप्रदेश परिवहन निगम की रोडवेज बस में बुधवार को एक महिला अपने दो बच्चों (10 वर्ष) और (12 वर्ष) के साथ बैठी थी। महिला को हरिद्वार जाना था। बस जैसे ही रुड़की बस स्टैंड पर पहुंची तो बस के चालक ने बस अड्डे पर तैनात पुलिसकर्मी को बताया कि महिला मानसिक रूप से काफी परेशान लग रही है, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने इसकी सूचना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरचंद शर्मा को दी। प्रभारी निरीक्षक ने पुलिसकर्मियों से महिला को कोतवाली लाने को कहा।
पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि महिला के साथ उसके दो बच्चे हैं। महिला ने बताया कि वह उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद में बीएसएनएल में तैनात एक अधिकारी की पत्नी है। महिला ने पुलिस को बताया कि वह जिंदगी से परेशान है। पुलिस ने उसके बैग की तलाशी ली तो उसके अंदर करीब 20 तोले सोने के जेवरात मिले। बैग में जेवरात देख पुलिस दंग रह गई। पुलिस ने जब पूछताछ की तो महिला ने बताया कि यह सब जेवरात उसके अपने हैं। वह ये जेवरात हरिद्वार के किसी मंदिर में दान देकर बच्चों समेत गंगा में कूदकर आत्महत्या करेगी।
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पुलिस ने महिला की काउंसिलिंग कर उसे किसी तरह से समझाया बुझाया। इसके बाद महिला के पति को रुड़की बुलाया और महिला को उनके पति के साथ रवाना कर दिया। गाजियाबाद से आए पति ने रुड़की पुलिस का आभार जताया। प्रभारी निरीक्षक अमर चंद शर्मा ने बताया कि महिला ने अपने पति को आगे से ऐसा कदम नहीं उठाने का आश्वासन दिया है। पूरी तस्दीक व तहकीकात के बाद बच्चों और महिला को उनके पति के साथ भेजा गया।
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