जागरण संवाददाता, हरिद्वार: उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की ओर से सोमवार को नाट्य यात्रा के क्रम में ऋषिकुल आयुर्वेद परिसर के मालवीय सभागार में संस्कृत नाटक अरुमंगम नाटक का मंचन किया गया। इसकी शानदार प्रस्तुति से लोग मंत्रमुग्ध हुए।

मुख्य अतिथि महापौर मनोज गर्ग, डॉ. ओमप्रकाश भट्ट, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक शरद कुमार, प्रो. प्रेमचंद्र शास्त्री, डॉ. भोला झा, निरंजन मिश्र, संस्कृत भारती के क्षेत्रीय संगठन मंत्री प्रताप जी ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महापौर मनोज गर्ग ने कहा संस्कृत से ही संस्कृति है। संस्कृत के बिना मानव जीवन अधूरा है। संस्कृत के संवर्धन के लिए अकादमी का यह प्रयास सराहनीय है। विभाग प्रचारक शरद कुमार ने कहा संस्कृत के प्रचार-प्रसार के लिए इस तरह के कार्यक्रमों की निरंतरता जरुरी है। कहा भारत विविधताओं का देश है। सारस्वत अतिथि डॉ. प्रेमचंद्र शास्त्री ने कहा महाभारत कथा के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करना उद्देश्य है। हरिद्वार, पौड़ी, बागेश्वर, देहरादून, रुद्रप्रयाग से आए कलाकारों ने नाटक का जीवंत मंचन कर सभी को भावविभोर कर दिया। संचालन डॉ. हरीश गुरुरानी, स्वागत संयोजक नवीन पंत ने किया। इस अवसर पर डॉ. भोला झा, डॉ. निरंजना मिश्रा, डॉ. प्रकाश पंत, डॉ. प्रकाश जोशी, योगेश पांडेय, देशराज शर्मा, नरेश शर्मा, तारा प्रसाद गोयल, राम आर्य, हेमंत तिवारी आदि शामिल थे।

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