जागरण संवाददाता, रुड़की : Road Safety With Jagran : 'दैनिक जागरण' की टीम ने एनएच संख्या 344 और 334 का विशेषज्ञों के साथ करीब 45 किलोमीटर तक सर्वे किया था। वहीं, स्टेट हाईवे का भी 85 किलोमीटर और शहर के अंदर 21 किलोमीटर सड़क का सर्वे किया गया।

इस दौरान कई तरह की खामियां सामने आई। पुलिस थोड़ी सी जागरूकता दिखाए तो तमाम खामियों को दूर कर सड़क हादसों को कम किया जा सकता है। इस बारे में एसपी देहात रुड़की स्वप्न किशोर सिंह से 'दैनिक जागरण' की टीम ने बात की। प्रस्तुत हैं बातचीत के मुख्य अंश।

सवाल: हाईवे पर जगह-जगह पार्किंग होने वाले वाहनों से आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। सर्दी के मौसम में धुंध भी शुरू हो जाएगी। ऐसे में अवैध रूप से सड़क पर हो रही अवैध पार्किंग से हादसे बढ़ेंगे। फैक्ट्री में आने वाले वाहनों को अन्य जगहों पर खड़ा करने की कोई सुविधा नहीं है?

जवाब: हाईवे के किनारे कुछ जगह पर ट्रक ले बाई होती है। जिस पर ट्रक चालक अपने वाहन खड़ा कर आराम कर सकते हैं। एनएच पर इस तरह की ले बाई काफी कम है। एनएच के अधिकारियों के साथ मिलकर हाईवे पर अन्य जगह भी इस तरह की ट्रक ले बाई बनवाई जाएगी, जिससे कि ट्रक चालक हाईवे पर वाहनों को पार्क न करें। इसके अलावा, फैक्ट्री प्रबंधन से वार्ता कर उनसे आग्रह किया जाएगा कि वह भी नो एंट्री के समय भारी ट्रक को फैक्ट्री से बाहर न निकालें और चालकों को भी इसके लिए जागरूक करें।

सवाल: ओवरस्पीड से आये दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। ओवरस्पीड वाहनों पर पुलिस आखिर लगाम क्यों नहीं कस पा रही है। इस तरफ ध्यान दिया जाए तो सड़क हादसों में कमी आ सकती है?

जवाब: सीओ रुड़की और कोतवाली पुलिस को निर्देशित किया जाएगा कि वह हर दिन सड़कों पर चेकिंग कर ओवरस्पीड वाहनों पर कार्रवाई करें। साथ ही यातायात पुलिस के दो इंटरसेप्टर वाहन भी हाईवे पर दो प्वाइंट पर चेकिंग करते हैं। तेज रफ्तार वाहनों के चालान काटे जा रहे हैं। ओवरस्पीड वाहनों को लेकर पुलिस की तरफ से जन जागरूकता कार्यक्रम शुरू कर युवाओं को जागरूक किया जाएगा, जिससे कि वह भी अपने अभिभावकों को इस बारे में जागरूक कर सकें।

सवाल: यातायात नियमों की अनदेखी कर सड़क पर गलत तरीके से वाहन चलाने वालों की कमी नहीं है। सड़कों पर नाबलिग भी वाहन दौड़ा रहे हैं, जिसकी वजह से सड़क हादसों में काफी इजाफा हो रहा। इस पर अंकुश कैसे लगेगा?

जवाब: पुलिस की तरफ से हर दिन चेकिंग कर ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। पुलिस की तरफ से स्कूल कालेज में जाकर जन जागरूकता कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसमें छात्रों को यातायात नियमों का पालन करने तथा सही तरह से वाहनों के संचालन के बारे में जानकारी दी जा रही है।

सवाल: शहर में आज तक भी ई-रिक्शा का रूट निर्धारित नहीं हो पाया है, जिसके चलते एक ही मार्ग पर दर्जनों की संख्या में कतारबद्ध होकर ई-रिक्शा निकलते हैं, जिससे आये दिन जाम लग रहा है, वहीं सड़क हादसे हो रहे हैं। सालों से यह समस्या बनी है?

जवाब: ईरिक्शा का रूट निर्धारण करना सीधे पुलिस का काम नहीं है। ई-रिक्शा का रूट निर्धारित करने के लिए शीघ्र ही नगर निगम, प्रशासन और परिवहन विभाग, यातायात पुलिस के साथ मिलकर इसका हल निकाला जाएगा, जिससे कि ई-रिक्शा का संचालन एक ही मार्ग से होने को रोका जा सके।

सवाल: शहर में अनाधिकृत पार्किंग से यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो रही है। नो एंट्री में भी वाहन अंदर तक पहुंच रहे हैं। इस पर पुलिस का कोई ध्यान नहीं है?

जवाब: शहर में पार्किंग का दायित्व नगर निगम की जिम्मेदारी है। लेकिन पार्किंग की वजह से यातायात व्यवस्था पर सीधा प्रभाव पड़ता है। इसे देखते हुए शीघ्र ही सीओ रुड़की, यातायात निरीक्षक और नगर निगम के अधिकारियों की बैठक कराई जाएगी। सभी मिलकर शहर के अंदर पार्किंग स्थलों को चिह्नित कर इस समस्या का समाधान निकालेंगे।

Edited By: Nirmala Bohra

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