जागरण संवाददाता, रुड़की : दुनियाभर में डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) विशेषज्ञों की बढ़ती मांग के मद्देनजर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) रुड़की ने मेहता फैमिली फाउंडेशन (एमएफएफ), यूएसए से सहयोग करार (एमओयू) किया है। इसके तहत संस्थान की ओर से मेहता फैमिली स्कूल आफ डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की स्थापना की जाएगी। मंगलवार को वर्चुअल कार्यक्रम में आइआइटी रुड़की के निदेशक प्रोफेसर अजित के चतुर्वेदी और मेहता फैमिली फाउंडेशन, यूएसए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल मेहता ने समझौता करार पर हस्ताक्षर किए। कार्यक्रम में उपस्थित भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. के विजय राघवन ने कहा कि एआइ का शोध और प्रशिक्षण हमारे भविष्य की कुंजी है।

प्रो. के विजय राघवन ने कहा कि भारत के लिए एआइ प्रौद्योगिकियों का विशेष महत्व है और आने वाले वर्षों में इसका समाज और अर्थव्यवस्था पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। कहा कि आइआइटी रुड़की और एमएफएफ का यह अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक करार सराहनीय प्रयास है। जिससे भारत का नवाचार के पथ पर अग्रसर होना सुनिश्चित होगा। भारत सरकार के विज्ञान और इंजीनियरिग अनुसंधान बोर्ड के सचिव प्रोफेसर संदीप वर्मा ने कहा कि इस करार से विद्यार्थियों को सैद्धांतिक के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान का मजबूत आधार प्राप्त होगा। साथ ही, संस्थान को ज्ञान और सूचना का संसाधन केंद्र बनने में अधिक बढ़ावा मिलेगा। इस मौके पर आइआइटी रुड़की के बोर्ड आफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डा. बीवीआर मोहन रेड्डी, उप निदेशक प्रो. मनोरंजन परिदा, प्रायोजित अनुसंधान एवं औद्योगिक परामर्श के डीन प्रो. मनीष श्रीखंडे, प्रो. नारायण प्रसाद पाढ़ी, बर्नी लुक्सिच आदि उपस्थित रहे।

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एआइ विशेषज्ञ करेंगे पाठ्यक्रम डिजाइन

आइआइटी रुड़की के निदेशक प्रोफेसर अजित के चतुर्वेदी ने बताया कि एमएफएफ के सहयोग से यह स्कूल संस्थान परिसर में इसी के लिए तैयार भवन में खुलेगा। बुनियादी व्यवस्था करने के अतिरिक्त एआइ के जाने-माने विशेषज्ञ प्रो. अनंत ग्राम, प्रो. शंकर सुब्रमण्यम और प्रो. राजेश गुप्ता पाठ्यक्रम डिजाइन करने, शिक्षक नियुक्त करने, निगरानी रखने और स्कूल के भारतीय विद्यार्थियों को शोध के नए विचारों का सुझाव देने में सक्रिय भागीदारी करेंगे। ये विशेषज्ञ एमएफएफ के विद्यार्थियों के लिए स्कालरशिप और शिक्षक आदान-प्रदान की सुविधा भी देंगे। मेहता फैमिली फाउंडेशन, यूएसए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल मेहता ने कहा कि एआइ संचालित प्रौद्योगिकियों से हमारी दुनिया तेजी से बदल रही है। विश्वस्तरीय शिक्षकों और आइआइटी रुड़की के बीच इस तरह के शैक्षिक सहयोग से ऐसे मानव संसाधन का विकास होगा जो जलवायु परिवर्तन, संसाधन की स्थिरता और सुरक्षा जैसी मौजूदा वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम होगा।

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बैचलर, मास्टर और डाक्टरेट डिग्री प्रोग्राम किए जाएंगे शुरू

इस करार के तहत नए स्कूल में बैचलर, मास्टर और डाक्टरेट डिग्री प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे। स्कूल सितंबर 2022 में बैचलर डिग्री के विद्यार्थियों के पहले बैच को दाखिला देगा। स्कूल का उद्देश्य डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्रों में नए और कुशल मानव संसाधन का विकास करना है। साथ ही इन क्षेत्रों पर केंद्रित ट्रेनिग और सर्टिफिकेशन प्रदान कर मौजूदा मानव संसाधन को अधिक सशक्त बनाना है।

Edited By: Jagran