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    अपनों का सहारा, दूसरों के लिए मिसाल हैं रानी और प्रियंका, जानिए इनकी कहानी

    By Sunil NegiEdited By:
    Updated: Mon, 15 Oct 2018 08:42 PM (IST)

    हरिद्वार के रेलवे रोड के सहगल पेट्रोल पंप पर काम करने वाली रानी और प्रियंका अपनों का सहारा बनी हैं। साथ ही दूसरों के लिए मिसाल हैं।

    अपनों का सहारा, दूसरों के लिए मिसाल हैं रानी और प्रियंका, जानिए इनकी कहानी

    हरिद्वार, [मेहताब आलम]: अमूमन यह माना जाता है कि महिलाएं पुरुषों के बराबर काम नहीं कर सकती हैं। रेलवे रोड के सहगल पेट्रोल पंप पर काम करने वाली रानी और प्रियंका न सिर्फ इस मिथक को तोड़ रही हैं, बल्कि महिला शक्ति का लोहा भी मनवा रही हैं। रानी तो ड्यूटी के दौरान ही बेटे की परवरिश भी करती हैं। जबकि प्रियंका अपने पति का सहारा बनकर परिवार को मजबूत करने में जुटी हैं।

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    सिडकुल से सटे रावली महदूद गांव निवासी प्रियंका पिछले डेढ़ साल और नेहा एक साल से सहगल पेट्रोल पंप पर सेल्स गर्ल का काम कर रही हैं। प्रियंका के पति मनोज सिडकुल की एक कंपनी में काम करते हैं। पांच साल का बेटा विकास स्कूल जाता है। प्रियंका ड्यूटी पर आने से पहले अपने पति को ड्यूटी और बेटे को स्कूल जाने के लिए तैयार करती हैं। इसके बाद खुद ड्यूटी पर पहुंचती हैं।

    प्रियंका का कहना है कि पति का सहारा बनने के साथ ही उनके अंदर आत्मविश्वास बढ़ा है कि मैं भी परिवार के लिए कुछ कर सकती हूं। वहीं रानी के कंधों पर दोहरी जिम्मेदारी है। पति के छोड़कर जाने के बाद रानी को तीन साल के बेटे जानू को भी संभालना है। साथ ही, ड्यूटी कर अपना घर भी चलाना है। रानी बताती हैं कि जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन हर मुसीबत का डटकर सामना करने से इंसान और मजबूत होता है। नेहा वाहनों में पेट्रोल डीजल डालती हैं। 

    उसी दौरान तीन साल का बेटा आसपास खेलता रहता है। रानी की एक नजर पेट्रोल मशीन के नंबरों और दूसरी नजर अपने बेटे पर रहती है। दोनों महिलाकर्मियों का कहना है कि उन्हें पेट्रोल पंप पर सभी का पूरा सहयोग करते हैं।

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