जागरण संवाददाता, हरिद्वार : आयुष मंत्रालय और पतंजलि योगपीठ के संयुक्त प्रयास से मकर संक्रांति और आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में एक करोड़ से अधिक व्यक्तियों ने सूर्य नमस्कार किया। गुरुवार सुबह सात बजे से इस वैश्विक कार्यक्रम में लोग आनलाइन जुड़े। प्रतिभागियों ने 13 बार सूर्य-नमस्कार कर एक ही दिन में 10 करोड़ से अधिक सूर्य नमस्कार के अभ्यास का विश्व कीर्तिमान बनाया।

केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और योगगुरु बाबा रामदेव ने सूर्य नमस्कार के साथ ही आनलाइन इस महाअभियान का उद्घाटन किया। इस मौके पर योगगुरु बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, साध्वी आचार्या देवप्रिया, डा. जयदीप आर्य, राकेश, डा. अनुराग वाष्र्णेय, स्वामी परमार्थ देव, साध्वी देवमयी ने एक संकलन पुस्तिका का विमोचन किया। पुस्तिका में पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट की ओर से परंपरागत आयुर्वेदिक मेडिसिन पर क्लिनिकल तथा एनिमल ट्रायल करने के बाद जो रिसर्च पेपर साइंटिफिक जर्नल्स में प्रकाशित हुए उसका संकलन है।

उल्लेखनीय है कि आयुष मंत्रालय ने अमृत महोत्सव के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर के योग संस्थानों मुख्यतया पतंजलि योगपीठ, क्रीड़ा भारती नेशनल योगासन स्पो‌र्ट्स फेडरेशन, गीता परिवार और हार्टफुलनेस संस्थान के लाखों योग साधकों ने 75 लाख से अधिक व्यक्तियों का पंजीकरण किया। उन्हें सूर्य नमस्कार करने के लिए प्रेरित किया।

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गायत्री परिवार के लाखों साधकों ने किया सूर्य नमस्कार

जागरण संवाददाता, हरिद्वार : वैश्विक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम के अंतर्गत अखिल विश्व गायत्री परिवार और देवसंस्कृति विश्वविद्यालय की देश-विदेश में स्थित शाखाओं में हजारों गायत्री साधकों, योगाचार्यों, योग प्रशिक्षुओं ने सामूहिक सूर्य नमस्कार संपन्न कराया। इसका संचालन गायत्री परिवार और देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के योग प्रशिक्षकों ने वर्चुअल किया।

अपने संदेश में अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख व देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डा. प्रणव पंड्या ने कहा कि नियमित सूर्य नमस्कार करने से शरीर में लचीलापन रहता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहती है। डा. पंड्या ने कहा कि बीमारी के इस दौर में इम्युनिटी सिस्टम को मजबूत रखने के लिए नियमित रूप से योगाभ्यास, सूर्य नमस्कार और प्राणायाम करते रहना चाहिए। देव संस्कृति विवि के प्रतिकुलपति डा. चिन्मय पंड्या ने बताया कि अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा, रूस, आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, मारिशस, न्यूजीलैंड, नेपाल, सिगापुर, थाईलैंड, फीजी, लातविया, दुबई, अबुधाबी, केन्या, तंजानिया आदि देशों के गायत्री स्वजन ने भी वैश्विक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में भाग लिया।

Edited By: Jagran

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