जागरण संवाददाता, हरिद्वार। Magh Purnima 2021  कोरोना के साए तले कुंभ वर्ष में माघ पूर्णिमा के चौथे पर्व स्नान पर लाखों श्रद्धालुओं ने हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड सहित सभी गंगा घाटों पर श्रद्धा की डुबकी लगाई। गंगा मइया और हर-हर महादेव के जयकारों के साथ स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य भी किया। पुलिस प्रशासन के अनुसार शाम चार बजे तक पांच लाख दस हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। वहीं कोविड-19 जांच में शाम चार बजे तक 15 श्रद्धालुओं को कोविड पॉजीटिव पाया गया। इनमें से देहरादून और मेरठ से आए दो लोग हरकी पैड़ी पर और बाकी लोग अन्य स्नान घाटों व बार्डर पर मिले। 

शनिवार को माघ पूर्णिमा स्नान पर हरकी पैड़ी सहित सभी गंगा घाटों पर सुबह से ही हल्की बूंदाबांदी के बीच श्रद्धालु गंगा में स्नान के लिए पहुंचने लगे थे। बाद में मौसम साफ होने से श्रद्धालुओं की संख्या बढऩे लगी। हरकी पैड़ी पर थर्मल स्कैनिंग और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर की व्यवस्था थी।

बिना जांच के किसी भी श्रृद्धालु को घाट पर प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा था। एसडीआरएफ की टीम भी श्रद्धालुओं को कोरोना के लेकर जागरूक करती रही। स्नान के दौरान जल दुर्घटना को रोकने के लिए यहां आपदा प्रबंधन दल और जल पुलिस की टीम राफ्ट सहित तैनात की गई थी। 

माघ पूर्णिमा पर्व स्नान पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने सुरक्षा और कोविड-19 जांच की सख्त व्यवस्था की हुई थी। हरकी पैड़ी पर दो श्रद्धालुओं के कोविड-19 पॉजीटिव मिलने से हड़कंप मच गया।

आनन-फानन में दोनों को मेला अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्वास्थ्य विभाग ने हरकी पैड़ी पर 10 जांच केंद्र सहित पूरे मेला क्षेत्र में 40 जांच केंद्र और 75 जांच टीम को श्रद्धालुओं की रैंडम कोविड-19 जांच को लगाया हुआ था। 

श्रीगंगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा ने बताया कि श्रीगंगा सभा के सेवादार बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सहायता में लगे हुए थे। कोविड-19 को लेकर श्रद्धालुओं को समय-समय पर जागरूक किया गया।  

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