Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Kanwar Mela में बढ़ रहा कलश कांवड़ का चलन, मानी जाती है बेहद कठिन यात्रा

    Updated: Sat, 05 Jul 2025 07:18 PM (IST)

    सावन शुरू होने के साथ ही कलश कांवड़ यात्रा ज़ोर पकड़ रही है जिसमें भक्त स्टील के कलशों को बांधकर कांवड़ बनाते हैं। भारी वज़न होने से यह यात्रा कठिन मानी जाती है। दिल्ली से आए यात्रियों के अनुसार हरिद्वार में कलशों के दाम बढ़ गए हैं जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। यात्रियों ने प्रशासन से मूल्य नियंत्रण की अपील की है।

    Hero Image
    गंगाजल भरकर 50 किलो से लेकर एक क्विंटल तक हो जाता है कलश कांवड़ का वजन. Jagran

    जागरण संवाददाता, हरिद्वार । सावन मास शुरू होने में अब चंद दिन ही शेष हैं। ऐसे में प्रशासन कांवड़ यात्रा की तैयारियों में जुटा हुआ है। इसी के साथ कांवड़ यात्रा ने भी अपनी गति पकड़नी शुरू कर दी है। इन दिनों कलश कांवड़ यात्रा चल रही हैं। घाटों से लेकर सड़क पर कलश कांवड़ यात्री ही दिख रहे हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    कलश कांवड़ में एक के ऊपर एक तीन से पांच स्टील कलश सजाए जाते हैं, जिन्हें बांधकर कांवड़ का स्वरूप दिया जाता है। यह अत्यधिक वजन के कारण साधारण कांवड़ से कहीं अधिक कठिन मानी जा रही है। प्रत्येक कलश कांवड़ का वजन लगभग 50 किलो से लेकर एक क्विंटल या उससे अधिक होता है। इस कारण एक कांवड़ को उठाने के लिए तीन से चार भक्तों की आवश्यकता पड़ रही है।

    दिल्ली से आए कांवड़ यात्री रवि कुमार ने कहा कि कलश कांवड़ के अत्यधिक भार के कारण वे प्रतिदिन मुश्किल से 15 किलोमीटर की दूरी ही तय कर पा रहे हैं। हर 200 से 300 मीटर की दूरी पर उन्हें विश्राम लेना पड़ता है। दो सप्ताह में अपने घर पहुंच जाएंगे।

    6,500 रुपये में मिल रहा छह स्टील कलश का एक सेट

    हरिद्वार : शिव भक्त पूरी निष्ठा से भगवान शिव को गंगाजल अर्पित करने के लिए यह कठिन मार्ग तय कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कलश कांवड़ की बढ़ती लोकप्रियता ने बाजार में इसके दामों में भी अप्रत्याशित वृद्धि कर दी है।

    कांवड़ यात्रियों का आरोप है कि हरिद्वार में छह स्टील कलश का एक सेट अब 6,500 रुपये से अधिक में मिल रहा है, जबकि वही सेट दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद अथवा अन्य महानगरों से मात्र 3,200 से 3,500 रुपये तक में उपलब्ध हो रहा है।

    कांवड़ यात्रियों ने स्थानीय प्रशासन व व्यापार संघों से अपील की है कि वह इस मूल्यवृद्धि पर नियंत्रण करें और आवश्यक वस्तुओं के मूल्यों को संतुलित बनाए रखें, जिससे हर वर्ग के श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में भाग ले सकें।