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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Haridwar Stampede: अतिक्रमण भी बना हादसे का कारण, दुकानें पलटकर भागे दुकानदार

Published: Sun, 27 Jul 2025 08:24 PM (IST)

Haridwar Stampede हरिद्वार में मनसा देवी मंदिर मार्ग पर अतिक्रमण के कारण भगदड़ मची। संकरे रास्ते पर प्रसाद की दुकानों ...और पढ़ें

Haridwar Stampede: सीढ़ी मार्ग पर नीचे से मंदिर तक सैकड़ों प्रसाद की संख्या में दुकानें. Jagran
Haridwar Stampede: सीढ़ी मार्ग पर नीचे से मंदिर तक सैकड़ों प्रसाद की संख्या में दुकानें. Jagran

HighLights

  1. अतिक्रमण से संकरा हुआ मनसा देवी मार्ग
  2. अफवाह से मची भगदड़, श्रद्धालुओं में हड़कंप
  3. प्रशासन की लापरवाही, अतिक्रमण हटाने में ढिलाई

जागरण संवाददाता, हरिद्वार। भगदड़ का कारण भले ही अफवाह हो, लेकिन सीढ़ी मार्ग के हालात भी हादसे के प्रमुख कारण है। घटनास्थल के आस-पास सीढ़ी मार्ग की चौड़ाई करीब 10 फीट है। लेकिन दोनों तरफ प्रसाद की दुकानों का अतिक्रमण होने के चलते मार्ग पर चलने की जगह केवल तीन से चार फीट ही बची थी।

भगदड़ के बाद प्रसाद बेचने वाले अपनी अस्थाई दुकानें खाई की तरफ पलटकर भाग निकले। मार्ग पर अतिक्रमण न होता तो श्रद्धालुओं को चलने की ज्यादा जगह मिलती और शायद इतने श्रद्धालुओं की जान नहीं जाती। अतिक्रमण को लेकर टाइगर रिजर्व पार्क से लेकर जिला प्रशासन व पलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

हरिद्वार में अतिक्रमण की समस्या आम है। मनसा देवी मंदिर जाने वाले सीढ़ी और रैंप मार्ग भी भयंकर अतिक्रमण की चपेट में हैं। मंदिर की सीढ़ियां शुरू होने से पहले प्रसाद की दुकानों का अतिक्रमण शुरू हो जाता है। ऊपर तक मार्ग के दोनों ओर सैकड़ों अस्थाई दुकानों का अतिक्रमण मार्ग को दो से तीन फीट में समेट देता है। यह हालात कई सालों से बने हुए हैं।

टाइगर रिजर्व पार्क व पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल

टाइगर रिजर्व पार्क का क्षेत्र होने के चलते वनकर्मी कभी-कभार अतिक्रमण हटाने के नाम पर चंद दुकानों को इधर से उधर कराते थे, लेकिन जिस सख्ती की जरूरत थी, उस पर टाइगर रिजर्व से लेकर पुलिस प्रशासन ने कोई पहल नहीं की।

वहीं, पहले चारधाम यात्रा और फिर कांवड़ मेला संपन्न हुआ। करोड़ों की भीड़ हरिद्वार पहुंचने से पहले प्रशासन ने जिस तरह हरकी पैड़ी, रोड़ीबेलवाला आदि जगहों से अतिक्रमण हटवाया, लेकिन मनसा देवी मार्ग पर अतिक्रमण नहीं हटाने के नाम पर खानापूर्ति हुई।

यही वजह है कि रविवार को अतिक्रमण से घिरे संकरे मार्ग पर भारी भीड़ होने के चलते एक अफवाह से भगदड़ मच गई और श्रद्धालुओं को जान बचाने के लिए जगह ही नहीं मिली। हादसे के बाद भगदड़ का ठींकरा दुकानदारों के सिर न फूटे, इससे बचने के लिए वह अपने काउंटर, प्रसाद आदि सामान को खाई की तरफ पलटकर भाग निकले।

वीडियो में दिख रहे हालात

भगदड़ से चंद मिनट पहले एक श्रद्धालु ने अपने मोबाइल से सीढ़ी मार्ग पर भीड़ की वीडियो बनाई थी। जो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रही है। एक वीडियो में साफ दिख रहा है कि कम जगह में हजारों की भीड़ फंसी हुई थी। महिलाएं और बच्चे भीड़ में दबने से बिलबिला रहे थे। बुजुर्गों को सांस लेने में तकलीफ हो रही होगी। उसी दौरान अफवाह फैलने का परिणाम भगदड़ और मौत के रूप में सामने आया।