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    Haridwar News: आनर किलिंग में मां-भाई समेत तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा, साल 2017 का है मामला

    Honour Killing In Haridwar बुग्गावाला थाना क्षेत्र में आनर किलिंग के मामले में मां-भाई समेत तीन अभियुक्तों को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार ने आजीवन कारावास एवं 37-37 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसी मामले के चौथे अभियुक्त को सात वर्ष की कठोर कैद और 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। गरीब लड़के से बेटी प्यार करती थी और शादी करना चाहती थी।

    By Anoop kumar singhEdited By: riya.pandeyUpdated: Sun, 10 Sep 2023 09:58 AM (IST)
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    आनर किलिंग में मां-भाई समेत तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा

    संवाद सहयोगी, हरिद्वार: Honour Killing In Haridwar: बुग्गावाला थाना क्षेत्र में आनर किलिंग के मामले में मां-भाई समेत तीन अभियुक्तों को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार ने आजीवन कारावास एवं 37-37 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसी मामले के चौथे अभियुक्त को सात वर्ष की कठोर कैद और 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

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    शासकीय अधिवक्ता राजकुमार सिंह ने बताया कि 22 अक्टूबर 2017 को थाना बुग्गावाला क्षेत्र में एक युवती शिवानी पुत्री राजेंद्र सिंह की हत्या और साक्ष्य मिटाने के लिए उसका शव जलाने का आरोप उसके भाई सौरभ, मां मितलेश देवी, पड़ोसी सुनील उर्फ बल्ली और सिरमौर सिंह निवासी ग्राम बुग्गावाला और मामा अशोक पर लगा था।

    गरीब लड़के से करती थी प्यार

    घटना के संबंध में बुग्गावाला निवासी अजय सिंह ने पुलिस को बताया था कि वह गांव बुधवा शहीद स्थित पैराडाइज स्कूल में बच्चों को पढ़ाने का काम करता है। वह राजेंद्र सिंह की पुत्री शिवानी से प्यार करता था। दोनों शादी करना चाहते थे, परंतु उसके गरीब होने के कारण आरोपीगण शिवानी की शादी उससे नहीं करना चाहते थे।

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    आरोपितों ने षड्यंत्र कर दबाया गला

    आरोप है कि सभी उक्त आरोपित अजय सिंह की हत्या की योजना बना रहे थे। यह बात मृतका ने 21 अक्टूबर 2017 को रात में मोबाइल फोन पर अजय सिंह को बता दी थी। उसी रात शिवानी के विरोध करने पर सभी आरोपितों ने आपस में षड्यंत्र रचकर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी और अगले दिन 22 अक्टूबर की सुबह पांच बजे उसका शव खेत में ले जाकर जला दिया था।

    पुलिस ने आरोपितों गिरफ्तार कर भिजवाया जेल

    पुलिस ने अजय सिंह की शिकायत पर आरोपित सौरभ, उसकी मां मितलेश देवी, पड़ोसी सुनील उर्फ बल्ली, सिरमौर सिंह व मामा अशोक के खिलाफ षड्यंत्र रचकर हत्या, शव छिपाने और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था।

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    वादी पक्ष की ओर से 17 गवाह किए गए पेश

    पुलिस को विवेचना के दौरान मृतक शिवानी के मामा अशोक के खिलाफ अन्य आरोपितों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचकर उसकी हत्या कर शव को छिपाने के संबंध में कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले थे, जिस पर पुलिस ने उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल नहीं किया था। वादी पक्ष की ओर से 17 गवाह पेश किए गए।

    मां-भाई को आजीवन कारावास की सजा

    दोनों पक्षों की बहस सुनने तथा साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने मृतका शिवानी के भाई सौरभ और मां मितलेश देवी तथा पड़ोसी सुनील उर्फ बल्ली को हत्या कर साक्ष्य छुपाने व जान से मारने की धमकी देने का दोषी पाते हुए उन्हें आजीवन कारावास तथा प्रत्येक को 37-37 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी, जबकि चौथे आरोपित सिरमौर सिंह को साक्ष्य छिपाने व जान से मारने की धमकी देने का दोषी पाते हुए सात वर्ष की कैद व 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुना दी।