जागरण टीम, रुड़की। Haridwar Kumbh Mela 2021 शाही स्नान की तिथि नजदीक आते ही प्रशासन ने उत्तर प्रदेश से सटी सीमा पर सख्ती बढ़ा दी है। शनिवार को सीमा से छोटे-बड़े 570 से ज्यादा वाहनों को वापस भेज दिया गया। इनमें विभिन्न राज्यों से आईं 40 बसें भी शामिल हैं। इन वाहनों में सवार यात्रियों के पास आरटीपीसीआर टेस्ट की नेगिटिव रिपोर्ट नहीं थी। कुंभ मेले के लिए जारी स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी)के अनुसार यात्रियों के पास आरटीपीसीआर की नेगिटिव रिपोर्ट के साथ ही कुंभ एप पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है।

औपचारिक तौर हरिद्वार में कुंभ मेला एक अप्रैल से शुरू हो चुका है। 12 अप्रैल को सोमवती अमावस्या के उपलक्ष्य में पहला शाही स्नान है। ऐसे में पुलिस और प्रशासन ने उत्तर प्रदेश से सटी सीमाओं की निगरानी सख्त कर दी है। पुलिस अधीक्षक (देहात) परमिंदर डोबाल ने बताया कि सीमाओं पर 24 घंटे जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि शनिवार को सुबह पांच बजे से शाम साढ़े छह बजे तक पुलिस ने विभिन्न चेकपोस्ट से हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पंजाब से आए वाहनों को वापस भेजा।

उन्होंने बताया कि इस दौरान नारसन बार्डर से 376, भगवानपुर के काली नदी से 130 और मंडावर चेकपोस्ट से 70 वाहन को वापस भेजे गए हैं। शाम तक कुल 4413 यात्री आरटीपीसीआर की जांच रिपोर्ट साथ लेकर आए थे, जिनको सीमा में प्रवेश दिया गया। पुलिस अधीक्षक के अनुसार सीमाओं पर एंटीजन टेस्ट भी किए जा रहे हैं। इसके तहत 1615 व्यक्तियों की जांच की गई। इनमें नौ लोग पॉजिटिव पाए गए।

गिड़गिड़ाते रहे यात्री

दूर-दूर से आ रहे यात्रियों को जब नारसन बार्डर से वापस किया जा रहा है तो वह पुलिसकर्मियों के पैर तक पकड़ ले रहे हैं। कोई बता रहा है कि वह तीन दिन से लगातार सफर कर आ रहा है तो कोई कह रहा है कि उसे गाइड लाइन की जानकारी नहीं थी।  

एक ही व्यक्ति को भेज रहे हरिद्वार 

पंजाब एवं हरियाणा से काली नदी एवं मंडावर चेकपोस्ट पर प्रतिदिन आठ से दस लोग अस्थि विर्सजन के लिए आ रहे है। एक गाड़ी में तीन से चार व्यक्ति होते हैं। पुलिस उनको बार्डर पर रोक ले रहे हैं। कई गाड़ियों में तो एक व्यक्ति को भेजा जा रहा है। शेष को बार्डर पर ही रोक दिया जा रहा है। 

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