मेहताब आलम, हरिद्वार: Haridwar Kumbh Mela 2021 कुंभ में सुरक्षा के फुलप्रूफ इंतजाम के बावजूद कुछ संतों को असुरक्षा महसूस हो रही है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष व महामंत्री सहित पांच प्रमुख संतों को वाई श्रेणी सुरक्षा और 26 संतों को सरकार अपने खर्च पर गनर उपलब्ध करवा चुकी है। अब कई अन्य संतों ने पुलिस सुरक्षा मांगी है। मेले में बड़ी संख्या में पुलिस बल, पैरा मिलिट्री फोर्स, एनएसजी कमांडो की तैनाती के बीच संतों को किससे खतरा है, इसको लेकर तस्वीर साफ नहीं है।

प्रदेश सरकार ने फरवरी 2020 में अखाड़ा परिषद अध्यक्ष और महामंत्री को कुंभ के दौरान वाई श्रेणी सुरक्षा और सभी 13 अखाड़ों के 26 प्रतिनिधियों को सरकारी खर्च पर गनर देने का एलान किया था। फिलवक्त परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि, महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि, जूना अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि, पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव श्रीमहंत र¨वद्र पुरी, महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत र¨वद्र पुरी को वाई श्रेणी सुरक्षा मिली हुई है। सूची में शामिल 26 संतों में जो भी प्रयागराज, अयोध्या, नासिक आदि से हरिद्वार पहुंचते हैं उन्हें गनर उपलब्ध कराया जाता है। वहीं, कुंभ मेले में सुरक्षा घेरे की बात करें तो पांच हजार से अधिक पुलिसकर्मी चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे। इनमें अर्धसैनिक बलों की 40 कंपनियां, एनएसजी के कमांडो और एटीएस की टीम भी शामिल है। इस बीच कुछ और संतों ने मेले में सुरक्षा की मांग की है। अभी तक 10 से ज्यादा संत मेला पुलिस कार्यालय में सुरक्षा के लिए आवेदन कर चुके हैं। जबकि कुछ संत जिला पुलिस से भी सुरक्षा की मांग कर चुके हैं। जबकि हाल फिलहाल में किसी भी संत को कोई धमकी नहीं मिली है। खुफिया विभाग या सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से भी ऐसा कोई अंदेशा नहीं जताया गया है। ऐसे में पुलिस के लिए चुनौती यह है कि संतों की जान की सुरक्षा किससे की जाए। हालांकि मेला व जिला पुलिस सभी आवेदनों पर गंभीरता से विचार कर रही है।

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कुंभ मेला आइजी हरिद्वार संजय गुंज्याल का कहना है कि मेले में पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए कई संतों ने आवेदन किए हैं। चूंकि मेला अवधि एक अप्रैल से शुरू होगी, इसलिए फिलहाल मेला पुलिस की ओर से सुरक्षा उपलब्ध कराना संभव नहीं है। ऐसे आवेदनों से जिला पुलिस को अवगत कराया गया है। मेला अवधि में जरूरत महसूस होने पर सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, हरिद्वार सेंथिल अवूदई कृष्णराज एस का कहना है कि सुरक्षा के लिए कई संतों के आवेदन मिल चुके हैं। जनपद की जीवन भय सुरक्षा समिति सभी आवेदनों पर निर्णय लेगी। जिसके बाद नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

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