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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 24, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली से लौट रहे युवक को चिप्स खिलाकर कार, मोबाइल और नकदी ले उड़ा जहरखुरान

By Raksha PanthriEdited By:
Published: Sat, 24 Jul 2021 01:06 PM (IST)Updated: Sat, 24 Jul 2021 09:10 PM (IST)

दिल्ली से लौट रहा कनखल का एक युवक कार शेयर एप का इस्तेमाल कर जहरखुरान गिरोह का शिकार हो गया। ...और पढ़ें

हरिद्वार: कारोबारी को बेहोश कर कार, मोबाइल और नकदी ले उड़ा बदमाश।
हरिद्वार: कारोबारी को बेहोश कर कार, मोबाइल और नकदी ले उड़ा बदमाश।

जागरण संवाददाता, हरिद्वार। दिल्ली से लौट रहा कनखल का एक युवक कार शेयर एप का इस्तेमाल कर जहरखुरान गिरोह का शिकार हो गया। गाजियाबाद से कार में सवार हुए जहरखुरान ने युवक को चिप्स खिलाकर बेहोश कर दिया और कार, मोबाइल व नकदी लेकर फरार हो गया। शनिवार की सुबह ज्वालापुर में युवक हाईवे किनारे बेहोश मिला। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, कनखल की हिमगिरी कालोनी निवासी शिवम किसी काम से दिल्ली गया था। शिवम ने अपने मोबाइल में कार शेयर एप इंस्टॉल किया हुआ था। इस एप के माध्यम से गाजियाबाद से एक युवक हरिद्वार आने के लिए शिवम की कार में सवार हुआ। रास्ते में उसने शिवम को चिप्स खिलाया। इसके बाद उसे कुछ होश नहीं रहा। शनिवार की सुबह शिवम बेहोशी की हालत में ज्वालापुर में हाईवे पर मिला। उसकी कार, मोबाइल व नकदी गायब थी। किसी ने उसके परिवार तक सूचना पहुंचाई। तब परिवार ने शिवम को अस्पताल में भर्ती कराया। ज्वालापुर बाजार चौकी प्रभारी आनंद मेहरा ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई। परिवार ने पुलिस को बताया कि शिवम ने रास्ते में घर पर फोन किया था। पुलिस मान रही है कि जहरखुरानी गिरोह ने उसे अपना शिकार बनाया है। ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी चंद्र चंद्राकर नैथानी ने बताया कि अभी परिवार की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर आने पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जाएगी।

ऐसे काम करता है कार शेयर ऐप

कार शेयर एप इंस्टॉल करने पर उसमें आइडी बनानी पड़ती है। ऐप में जुड़े लोग यदि कार से कहीं जा रहे होते हैं, कार में जगह खाली होती है तो उसकी जानकारी कार शेयर ऐप में डाल देते हैं। किसी भी व्यक्ति, जिसे उस रूट पर जाना होता है तो संबंधित व्यक्ति से संपर्क कर उसके साथ सफर कर लेता है। कार शेयर करने पर संबंधित व्यक्ति को वह पैसे देता है। इसी तरह सुविधा लेने वाला व्यक्ति भी ऐप पर सूचना डालता है। सुविधा देने वाला व्यक्ति भी उससे संपर्क कर लेता है। ताजा घटना से यह माना जा रहा है कि इस ऐप पर भी जहरखुरान गिरोह का नेटवर्क एक्टिव है।

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