हरिद्वार: महिला अधिवक्ता ने वरिष्ठ अधिवक्ता पर लगाए गंभीर आरोप, आत्महत्या की दी चेतावनी
रोशनाबाद जिला न्यायालय की एक महिला अधिवक्ता ने एक वरिष्ठ अधिवक्ता पर पांच साल तक मानसिक और शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है। महिला अधिवक्ता का आरोप है कि अलग चेंबर लेने के बाद से आरोपित अधिवक्ता उन्हें परेशान कर रहा है।

जागरण संवाददाता, हरिद्वार। जिला एवं सत्र न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाली एक महिला अधिवक्ता ने अपने पूर्व सीनियर अधिवक्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़िता का आरोप है कि अधिवक्ता ने पांच साल तक उनका शारीरिक व मानसिक शोषण किया। अलग चैंबर लेने पर अधिवक्ता ने पीछा किया और वाट्सएप ग्रुप में अधिवक्ता व उनकी जूनियर महिला अधिवक्ता ने आपत्तिजनक मैसेज डाले। पुलिस ने आरोपित अधिवक्ता व उनकी जूनियर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक महिला अधिवक्ता ने शिकायत देकर बताया कि अधिवक्ताओं के वाट्सएप ग्रुप में अधिवक्ता विरेंद्र प्रताप व उसकी जूनियर अधिवक्ता कविता वैभव ने उनके खिलाफ अभद्र व आपत्तिजनक टिप्पणी की है। पीड़िता का कहना है कि पांच साल तक वह आरोपित अधिवक्ता की जूनियर रही है। आरोप है कि अधिवक्ता ने पांच साल तक शारीरिक व मानसिक शोषण किया। जिससे परेशान होकर उसने अपना चैंबर अलग कर लिया था। आरोप है कि उसके बाद से ही विरेंद्र प्रताप उसे लगातार परेशान कर रहे हैं। आरोपित के सभी नंबर भी ब्लाक कर रखे हैं। लेकिन, अधिवक्ता ने मैसेंजर व अन्य माध्यम से अभद्र शब्द भेजे। आरोप है कि अधिवक्ता ने कई बार उनका पीछा किया और कार में बैठाने का प्रयास किया। पीडि़ता का यह भी आरोप है कि आरोपित अधिवक्ता व उनकी जूनियर कविता वैभव वीडियो काल कर परेशान करते हैं और अभद्र व आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं। एसओ सिडकुल लखपत बुटोला ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपित अधिवक्ता विरेंद्र प्रताप व कविता वैभव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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