Haridwar Kumbh Mela 2021: महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव और जय गंगा मइया के जयकारों के बीच हरकी पैड़ी पर लगाई पुण्य की डुबकी
Haridwar Kumbh Mela 2021 फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष त्रयोदशी महाशिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं ने हर हर महादेव और जय गंगा मइया के जयकारों के बीच हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड पर पुण्य की डुबकी लगाई। स्नान का क्रम रात 12 बजे के बाद से शुरू हो गया था।

जागरण संवाददाता हरिद्वार। Haridwar Kumbh Mela 2021 फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष त्रयोदशी महाशिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं ने हर हर महादेव और जय गंगा मइया के जयकारों के बीच हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड पर पुण्य की डुबकी लगाई। स्नान का क्रम रात 12 बजे के बाद से शुरू हो गया था, जो सुबह तक जारी रहा। सात बजे के बाद हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड पर आम श्रद्धालुओं के स्नान पर रोक लग गई और यह क्षेत्र अखाड़ों के संत महात्माओं के स्नान के निमित्त आरक्षित हो गया।
प्रशासन की ओर से सुबह सात से शाम पांच बजे तक हरकी पैड़ी ब्रह्मकुंड और उसके ठीक सामने स्थित मालवीय घाट को अखाड़ों के लिए आरक्षित कर दिया गया था। इससे पहले और बाद का समय आम श्रद्धालुओं को स्नान के लिए दिया गया। यही वजह है कि मध्यरात्रि के बाद से ही आम श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने लगे थे। इस अवधि में श्रद्धालुओं ने गंगा पूजन के साथ काले तिल का दान भी किया।
इस दौरान ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो हम अलग ही दुनिया में विचरण कर रहे हैं, जहां शिव के सिवा कुछ भी नहीं है। वैराग्य भाव में गंगा घाटों की ओर बढ़ते कदमों की रवानी हृदय को आनंदित कर रही थी। रात दो बजे के बाद से हरकी पैड़ी पर श्रद्धालुओं की संख्या बढऩे लगी थी।
भोर की बेला तो वहां आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड से लेकर दक्ष नगरी कनखल तक शायद ही कोई घाट ऐसा रहा होगा, जहां आस्था हिलोरें न ले रही हो। श्रद्धालु घाट पर पहुंचते ही आस्था की डुबकी लगा रहे थे और फिर साथ में गंगाजल लेकर निकल पड़ रहे थे गंतव्य की ओर। हर कदम पर शिव स्तोत्र, शिव पंचाक्षरी स्तोत्र, तांडव स्तोत्र, भगवती स्तोत्र और महामृत्युंजय मंत्र की अनुगूंज कानों में रस घोल रही थी।
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