हरिद्वार। सोमवती अमावस्या पर हरिद्वार के गंगाघाटों के साथ ही अन्य नदियों के तट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के साथ ही पूजा अर्चना की। साथ ही पितरों के निमित्त तर्पण ओर दान देकर पुण्य भी अर्जित किया। 

सोमवती अमावस्या स्नान सभी अमावस्याओं के स्नान में प्रमुख माना जाता है। कुंभ-अर्द्धकुंभ के स्नानों के बाद सोमवती स्नान पर सबसे अधिक भीड़ जुटती है। यही कारण यहा कि सोमवार की तड़के से ही हरिद्वार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। 

रविवार से ही अमावस्या का पुण्य काल शुरू हो गया था। इसलिए रविवार से ही लोग हरिद्वार पहुंचने लगे थे। रात भर से लोगों के डग हरकी पैड़ी की ओर बढ़ते रहे। ब्रह्म मुहूर्त से स्नान शुरू हुआ। दिन चढ़ने के साथ भीड़ बढ़ने लगी।

स्नान के चलते हरकी पैड़ी, सर्वानंद घाट, बिरला घाट, लवकुश घाट, विश्वकर्मा घाट, प्रेमनगर आश्रम घाट आदि घाटों पर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा रहा। इस दौरान व्यवस्थाएं बनाने के लिए  पुलिस भी सतर्क रही। 

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सनातनी मान्यता के अनुसार अमावस्या पर पितृों के निमित भी कर्मकांड किए गए। नारायणी शिला, कुशावर्त घाट पर लोगों ने कर्मकांड किए। इसके साथ ही ऋषिकेश में भी गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। वहीं, गंगा की सहायक नदियों में भी स्थान को लेकर लोगों में उत्साह देखा गया। 

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Posted By: Bhanu

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