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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दो महीने तक छकाने के बाद कोर्ट में सरेंडर कर रिहा हो गया Youtuber Bobby Katariya,पुलिस को नहीं लगी भनक

By Jagran NewsEdited By: Nirmala Bohra
Published: Sat, 08 Oct 2022 09:31 AM (IST)

Youtuber Bobby Kataria पिछले दिनों बॉबी कटारिया का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह सड़क के बीचोंबीच टेबल लगाकर ...और पढ़ें

Youtuber Bobby Kataria : सड़क के बीचोंबीच टेबल लगाकर पी थी शराब। फाइल फोटो
Youtuber Bobby Kataria : सड़क के बीचोंबीच टेबल लगाकर पी थी शराब। फाइल फोटो

जागरण संवाददाता, देहरादून : Youtuber Bobby Kataria : दो महीने से हरियाणा के गुरुग्राम निवासी यूट्यूबर बॉबी कटारिया की गिरफ्तारी के लिए दून पुलिस दिन-रात एक हुई थी, उसने शुक्रवार को पुलिस को चकमा देकर नाटकीय ढंग से कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देहरादून संजय सिंह की अदालत में बचाव पक्ष ने कहा कि बॉबी कटारिया के विरुद्ध जो धाराएं लगाई गई हैं, वह जमानती हैं, इसलिए उसे जमानत पर रिहा कर दिया जाए। इस पर अदालत ने उसे 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत पर रिहा कर दिया।

सड़क के बीचोंबीच टेबल लगाकर पी थी शराब

पिछले दिनों बॉबी कटारिया का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह सड़क के बीचोंबीच टेबल लगाकर शराब पीता दिख रहा था। वीडियो की जांच करवाई गई तो पता चला कि यह देहरादून के कैंट कोतवाली क्षेत्र के किमाड़ी रोड का है। वीडियो में बॉबी शराब पीने के बाद खतरनाक तरीके से बुलेट चलाता भी दिख रहा है।

11 अगस्त को विभिन्न धाराओं में मुकदमा किया था दर्ज

इस मामले में पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के निर्देश पर कैंट कोतवाली पुलिस ने बॉबी के खिलाफ 11 अगस्त को विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमा दर्ज होने के तीन दिन बाद ही पुलिस ने नोटिस जारी कर उसे बयान दर्ज करने के लिए बुलाया, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। 18 अगस्त को उसके खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी किया।

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23 अगस्त को आरोपित ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सरेंडर की अर्जी दाखिल की, लेकिन सरेंडर नहीं किया। ऐसे में 25 अगस्त को पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। इसके बाद 27 सितंबर को बॉबी ने एक अन्य मामले में दिल्ली के पटियाला कोर्ट में सरेंडर किया, जहां से उसे तिहाड़ जेल भेज दिया गया।

28 सितंबर को उसे कोर्ट से जमानत मिली, लेकिन उसके जेल से बाहर निकलने से पहले ही तिहाड़ जेल में देहरादून कोर्ट का बी वारंट पहुंच गया। हालांकि, दो बार बी वारंट जारी होने के बावजूद पुलिस बॉबी को देहरादून नहीं ला पाई और वह एक अक्टूबर को तिहाड़ जेल से रिहा हो गया।

अर्जी देने के दूसरे दिन ही कर दिया सरेंडर

बॉबी को उसके अधिवक्ताओं ने पूरी योजना के साथ सरेंडर करवाया। गुरुवार को दून में पुलिस की टीम दिनभर कोर्ट में इस उम्मीद में तैनात रही कि बॉबी को बी वारंट पर लाया जाएगा, लेकिन शाम को पता चला कि वह जमानत पर रिहा हो गया है। शाम को ही बॉबी के अधिवक्ता ने दून में कोर्ट में सरेंडर की अर्जी दाखिल की, लेकिन उसमें तिथि का जिक्र नहीं किया।

सरेंडर की अर्जी के बारे में कैंट कोतवाली पुलिस को जानकारी मिल गई थी, लेकिन पुलिस लापरवाही की चादर तानकर सोती रही। इस बीच शुक्रवार को सुबह करीब साढ़े 11 बजे बॉबी को उसके अधिवक्ता पीछे के गेट से कोर्ट परिसर में लाए और सरेंडर करा दिया। इसके काफी देर बाद कैंट कोतवाली के इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह कोर्ट पहुंचे।

चार घंटे कठघरे में खड़ा रहा बॉबी

सरेंडर के समय बॉबी कटारिया के साथ 12 अधिवक्ताओं की टीम थी। न्यायाधीश ने उसे कठघरे में खड़े होने के लिए कहा। दोपहर साढ़े 11 बजे से साढ़े तीन बजे तक वह कठघरे में ही खड़ा रहा।

जमानत की कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद ही उसे बाहर निकलने की इजाजत दी गई। इस दौरान कोर्ट ने कैंट कोतवाली पुलिस को बयान दर्ज करने के लिए कहा। पुलिस ने मौके पर ही उसके बयान भी दर्ज किए।