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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 14, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

युवा कांग्रेस ने महंगाई के खिलाफ किया प्रदर्शन, कहा- इसके लिए केंद्र की गलत नीतियां जिम्मेदार

By Raksha PanthriEdited By:
Published: Wed, 14 Jul 2021 01:01 PM (IST)

पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़ते दाम और लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर ऋषिकेश में युवा कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ ...और पढ़ें

युवा कांग्रेस ने महंगाई के खिलाफ किया प्रदर्शन।
युवा कांग्रेस ने महंगाई के खिलाफ किया प्रदर्शन।

जागरण संवाददाता ऋषिकेश।  पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़ते दाम तथा लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर युवा कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार की गलत नीतियों को महंगाई के लिए जिम्मेदार ठहराया।

बुधवार को युवक कांग्रेस ने हरिद्वार मार्ग स्थित पेट्रोल पंप पर केंद्र सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। युकां कार्यकर्त्ताओं ने प्रधानमंत्री व सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। युवा कांग्रेस के नगर अध्यक्ष अमरजीत धीमान ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के चलते देशभर में महंगाई चरम पर पहुंच गई है। डीजल, पेट्रोल तथा रसोई गैस के दाम अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच चुके हैं। जिससे आवश्यक वस्तुओं की दर तथा परिवहन का व्यय बढ़ चुका है।

उन्होंने कहा कि महंगाई के चलते आम आदमी का जीना दूभर हो गया है। युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव अजय धीमान ने कहा कि भाजपा की सरकार ने देश की जनता के साथ छल करने का काम किया। जिसका परिणाम भाजपा को आने वाले चुनाव में भुगतना होगा। पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक तिवारी ने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों से देश की जनता त्रस्त आ चुकी है। उत्तराखंड में 2022 में होने वाले चुनाव में राज्य की जनता इसका बदला लेगी। प्रदर्शन करने वालों में अभिषेक, पारस, मनप्रीत सिंह, श्याम शर्मा, शिवा सिंह, आशीष शर्मा, शिवम मलिक, लक्की, कृष्णा आदि मौजूद थे।

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राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दे सरकार

उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर राज्य आंदोलनकारियों की चार सूत्रीय मांगों पर जल्द फैसला करने की मांग की है। बुधवार को संघर्ष समिति के सदस्यों ने ऋषिकेश तहसील में उप जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा ने अवगत कराया कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी लंबे समय से अपनी प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। मगर, सरकार गंभीरता के साथ उनकी मांगों का निस्तारण नहीं कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से राज्य आंदोलनकारियों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के लिए विधानसभा में कानून बनाने की मांग की। समिति ने राज्य आंदोलनकारियों को राज्य निर्माण सेनानी घोषित करने, छूटे हुए राज्य आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण शीघ्र करने तथा सभी राज्य आंदोलनकारियों को एक समान पेंशन, सम्मान के रूप में दिए जाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि राज्य की अवधारणा के अनुरूप इन सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है। ज्ञापन सौंपने वालों में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष बलवीर सिंह नेगी, महामंत्री डीएस गुसाईं, उपाध्यक्ष गंभीर सिंह मेवाड़, युद्धवीर चौहान, मुन्नी ध्यानी, गुड्डी देवी, उर्मिला हटवाल, पुष्पा शर्मा, उषा गुप्ता, दर्शनीय रावत, जया डोभाल, यशोदा नेगी, रोशनी, सत्येश्वरी रावत, सत्येश्वरी थपलियाल, सुशीला पोखरियाल, सीमा पाल, द्वादशी थपलियाल, कलम सिंह कलुड़ा आदि मौजूद रहे।

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