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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Water Crisis: उत्‍तराखंड में गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी को तरस रहे लोग, देहरादून के कई क्षेत्रों में हाहाकार

By Sukant mamgainEdited By: Nirmala Bohra
Published: Sat, 20 May 2023 07:14 AM (IST)

Water Crisis गर्मी बढ़ने के साथ ही उत्‍तराखंड में पेयजल संकट भी गहराने लगा है। राजधानी देहरादून के कई क्षेत्र ...और पढ़ें

Water Crisis: गर्मी बढ़ने के साथ ही उत्‍तराखंड में पेयजल संकट भी गहराने लगा है।
Water Crisis: गर्मी बढ़ने के साथ ही उत्‍तराखंड में पेयजल संकट भी गहराने लगा है।

जागरण संवाददाता, देहरादून: Water Crisis: गर्मी बढ़ने के साथ ही उत्‍तराखंड में पेयजल संकट भी गहराने लगा है। देहरादून शहर के विभिन्न हिस्सों में लोग हर दिन दिक्कतों का सामना कर रहे हैैं। बिजली का समस्या इस संकट को और भी गंभीर बना रही है।

स्थिति ये है कि कई क्षेत्र में लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैैं और उन्हें पानी के टैैंकरों से काम चलाना पड़ रहा है। ऐसे में चढ़ते पारे के साथ उनका भी पारा अब चढऩे लगा है।

चंद्रबनी क्षेत्र में हाहाकार, लोग करेंगे अधिकारी का घेराव

चंद्रबानी वार्ड में धारावाली, गोल मार्केट, चोयला, भूतोवाला,सेवला, चंद्रबनी आदि क्षेत्रों में पिछले तीन दिन से पानी की भारी किल्लत है। पार्षद सुखबीर बुटोला के अनुसार यहां पेयजल निगम ने नई योजना बनाई, पर पानी की किल्लत दूर नहीं हुई है।

वायदा था कि 16 से 20 घंटे पानी दिया जाएगा, पर दिन में 2 घंटे ही पानी मिल पा रहा है। पटिटयोवाला वाला स्थित नलकूप को भी ठीक करने की मांग ग्रामीणों ने की थी, इस पर भी कोई कार्वाई नहीं हुई। जिससे स्थानीय लोग में भारी रोष है। उनका कहना है कि जल्दी ही अधिशासी अभियंता कार्यालय का घेराव किया जाएगा

माजरी माफी में लोग खुद मंगवा रहे टैैंकर

मोहकमपुर माजरी माफी में पानी की जबरदस्त किल्लत है। जिस कारण स्थानीय लोग 5-6 सौ रुपये में पानी का टैंकर मंगाने को मजबूर हैं। भाजपा नेता एनके गुसाईं ने बताया कि लगातार बढ़ती जा रही जनसंख्या के मद्देनजर स्थानीय लोग वर्षों से दीर्घकालिक व ठोस योजना की मांग करते आ रहे हैं।

पिछले एक दशक में जल संस्थान मुख्यालय पर कई-कई बार तालाबंदी,मटकी फोड़ प्रदर्शन,ज्ञापन सौंपकर देकर इस समस्या का समाधान करने की की, लेकिन अधिकारी इसे हल्के लेते रहे। गर्मियां शुरू होते ही फिर पानी की दिक्कत होने लगी है।

सवाल किया कि जब हर व्यक्ति समय पर पानी के बिल का भुगतान करता है तो वह ऊंचे दाम चुकाकर प्राइवेट टैंकर से पानी क्यों खरीदे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की नाकामी से राज्य सरकार को बदनाम होना पड़ रहा है। जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जल्द ऐसे अधिकारियों की सूची सरकार को सौंपेंगे। गुसाईं ने कहा कि जब तक पानी की आपूर्ति सही नहीं हो जाती जल संस्थान अपने टैंकरों से जनता को पानी मुहैया कराए।