संवाद सूत्र, कालसी: यमुनाघाटी लखवाड़ व्यासी बांध प्रभावित समिति के बैनर तले जुडडो में चल रहे धरने के 38वें दिन लोहारी के ग्रामीणों ने जल विद्युत निगम के डीजीएम व उनके सहयोगी कर्मियों को दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। बांध की नींव के पास धरना दे रहे ग्रामीणों से सुरक्षित स्थान पर चले जाने का आग्रह करने के लिए डीजीएम पहुंचे थे। डीजीएम ने मामला शासन स्तर पर होने व इसके लिए प्रयास करने का आश्वासन देकर ग्रामीणों के आक्रोश को शांत किया।

बांध प्रभावित लोहारी के ग्रामीण 38 दिन से विस्थापन, जमीन के बदले जमीन, परिवार के एक सदस्य को नौकरी की मांग को लेकर बांध की नींव के पास धरना दे रहे हैं। वहीं बारिश के चलते यमुना का जल स्तर बढ़ने लगा है। इससे बड़ी अनहोनी हो सकती है। इसको देखते हुए जल विद्युत निगम के डीजीएम अजय कुमार अन्य कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से खतरे को देखते हुए धरना सुरक्षित स्थान पर देने का आग्रह किया। इस पर ग्रामीणों ने सरकार व निगम के खिलाफ नारेबाजी कर शुरू कर दी। ग्रामीणों ने कहा कि धरने को 38 दिन बीत चुके हैं। लेकिन ग्रामीणों की कोई सुध नहीं ले रहा है। मांगें पूरी नहीं होने तक धरनास्थल से नहीं हटेंगे, चाहे जलसमाधि क्यों न देनी पड़े। इस पर डीजीएम जाने लगे तो ग्रामीणों ने उन्हें रोक लिया। करीब दो घंटे तक डीजीएम व प्रभावित ग्रामीणों के बीच मांगों को लेकर वार्ता हुई। डीजीएम ने जल्द मांग पूरी कराने का प्रयास करने का आश्वासन देकर ग्रामीणों के आक्रोश को शांत किया। ग्रामीणों में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि के प्रति भी आक्रोश देखा गया। इस दौरान सुखपाल सिंह, रमेश चौहान, दिनेश चौहान, विमला देवी, सुचिता तोमर, टीकम सिंह, रोशनी देवी, राजपाल तोमर, अनिता चौहान, महेश तोमर, प्रमिला चौहान, रीता, राजेंद्र तोमर, चंदा देवी, विजय चौहान, भरत सिंह तोमर, प्रमिला तोमर आदि मौजूद रहे।