यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Uttarakhand News: बदलते मौसम में बढ़ रहे हैं वायरल बीमारियों के मरीज, सरकारी अस्पताल में बेड फुल
ऋषिकेश में बदलते मौसम के कारण वायरल बुखार और डेंगू के मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। राजकीय ...और पढ़ें

HighLights
- ऋषिकेश में वायरल बुखार का प्रकोप |
- अस्पताल में बेड लगभग फुल |
- डेंगू के लक्षण वाले मरीजों की जांच |
जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। लगातार बदलता मौसम लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। शांति प्रपन्न शर्मा राजकीय चिकित्सालय में करीब-करीब सारे बेड फुल हो गए हैं। वायरल फीवर के मरीज लगातार आ रहे हैं। इसके साथ ही डेंगू जैसे लक्षण वाले मरीजों की डेंगू की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल में हर दिन करीब 200 जांच हो रही है।
इस साल मानसून में वर्षा का दौर लंबा खिंचा। पिछले कुछ दिनों से वर्षा थमी है। बीच-बीच में रिमझिम वर्षा होती है। कभी तेज धूप निकलती है तो कभी बादल छाए रहते हैं। मौसम में आ रहे बदलाव के कारण बच्चों से लेकर बड़े तक बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
इसमें सबसे अधिक मरीज वायरल फीवर के आ रहे हैं। चिकित्सालय में हर दिन करीब डेढ़ सौ मरीज बुखार से पीड़ित पहुंच रहे हैं। जिनमें से करीब 60 से 70 बच्चे भी वायरल फीवर के कारण अस्पताल में उपचार कराने के लिए आ रहे हैं।
करीब एक सप्ताह से यह स्थिति बनी हुई है। बुखार के जिन मरीजों में डेंगू के लक्षण सामने आ रहे हैं उनकी ब्लड सैंपल की जांच कराई जा रही है। चिकित्सालय में सरकारी लैब में इन दिनों करीब दो सौ जांच रोज हो रही हैं। इसमें 30 से 35 जांच संभावित डेंगू के मरीजों की हो रही है।
हालांकि, अभी डेंगू केवल दो डेंगू मरीज मिले थे। इन मरीजों की केस हिस्ट्री शहर से बाहर की थी। लगातार बुखार के मरीज आने पर चिकित्सालय के बेड भी करीब-करीब फुल हो गए हैं।
डेंगू वार्ड में भी मरीजों को रखा गया है। चिकित्सालय में कुल 165 बेड हैं। शांति प्रपन्न शर्मा राजकीय चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. उत्तम सिंह खरोला ने बताया कि इन दिनों वायरल फीवर के मरीज अधिक आ रहे हैं।
डेंगू के लक्षण वाले मरीज चाहे वह ओपीडी में आएं या इमरजेंसी में उनका ब्लड टेस्ट कराया जा रहा है। सीएमएस का कहना है कि अस्पताल में ऑपरेशन भी लगातार होते हैं। वायरल फीवर और आपरेशन वाले मरीजों के चलते बेड फुल हैं।
जरूरत के आधार पर मरीजों को डेंगू आइसालेशन वार्ड में भी भर्ती कराया जा रहा है। अगर कोई डेंगू से पीड़ित मरीज आता है तो उसके लिए भी व्यवस्था की गई है।
