दुर्गा नौटियाल, ऋषिकेश। Tourist Spot In Uttarakhand छुट्टियां हो काफी और घूमने न निकला जाए, भला ऐसा कैसे हो सकता है। अब आप सोचेंगे कि प्लानिंग भी तो करनी पड़ेगी और देखना होगा कि कहां घूमा जाए तो चिंता मत कीजिए हम हैं न। आपके लिए लेकर आए हैं एक ऐसी जगह जहां राफ्टिंग, कैंपिंग और जंगल सफारी का रोमांच तो होगा ही। साथ ही सुकून का एहसास भी। यहां मंदिरों की घंटियां और नदियों की कलकल भी आपको अलग ही शांति देगी। जी हां हम बात कर रहे हैं प्रसिद्ध पर्यटन स्थल और तीर्थ नगरी ऋषिकेश की। यहां आप अपनी छुट्टियों को बना सकते हैं बेहद खास।

इस हफ्ते दशहरा, शनिवार और रविवार को लगातार तीन दिन का अवकाश मिल रहा है। इन छुट्टियों को आप खास अंदाज में प्रकृति के सुंदर नजारों और गंगा के तट पर बिताना चाहते हैं तो तीर्थनगरी ऋषिकेश एक बेहतर विकल्प है।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तरप्रदेश के अधिकांश शहरों से अच्छी पहुंच होने के कारण ऋषिकेश और आसपास का क्षेत्र परिवार के साथ इन छुट्टियों के लिए सबसे उपयुक्त है। तीर्थनगरी ऋषिकेश योग और अध्यात्म के साथ पर्यटन के लिए खास पहचान रखती है।

रिवर राफ्टिंग, ट्रैकिंग और जंगल सफारी का रोमांच

पर्यटकों को यहां पर प्रकृति के सुंदर नजारों और गंगा के सानिध्य के साथ साहसिक पर्यटन के रूप में रिवर राफ्टिंग, ट्रैकिंग, बंजी जंपिंग, जंगल सफारी जैसी गतिविधियों में सरीक होने का अवसर मिल जाता है। यहां कौडियाला-मुनिकीरेती इको टूरिज्म जोन राफ्टिंग के लिए विश्व प्रसिद्ध है।

यहां ढाई सौ से अधिक राफ्टिंग कंपनियां गंगा में राफ्टिंग का संचालन करती हैं। ऋषिकेश शहर के अलावा यहां मुनिकीरेती, तपोवन, स्वर्गाश्रम, लक्ष्मणझुला आदि दर्शनीय पर्यटन स्थल हैं।

कैंपिंग बनाएगी आपकी छुट्टियों को खास

इसके अलावा गंगा घाटी में शिवपुरी, कौडियाला, मालाखुंटी, व्यासी आदि स्थल अलग की आकर्षण का केंद्र हैं। इसी तरह हेंवल घाटी में भी कैंपिंग और अन्य गतिविधियों के लिए बेहतरीन जगह उपलब्ध हैं। कुल मिलाकर इस सप्ताह मिल हरी छुट्टियों को परिवार व दोस्तों के साथ बिताने के लिए तीर्थनगरी ऋषिकेश का टूर एक बेहतर विकल्प हो सकता है।

ऋषिकेश और आसपास क्षेत्र के दर्शनीय स्थल

त्रिवेणी घाट, रघुनाथ मंदिर, ऋषि कुंड, आस्था पथ, प्राचीन श्री भरत मंदिर, चंद्रेश्वर महादेव मंदिर, वीरभद्र मंदिर, सोमेश्वर मंदिर, वीरभद्र उत्खनन स्थल, जानकी सेतु, रामझूला, लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम, चौरासी कुटी, भूतनाथ मंदिर, तेरह मंजिल, चौदह मंजिल मंदिर, हेंवल घाटी, नीलकंठ महादेव मंदिर, नरेंद्रनगर, कुंजापुरी मंदिर, शिवपुरी, कौडियाला, व्यासी।

इन बातों का रखें खयाल

सप्ताहांत पर ऋषिकेश क्षेत्र में सबसे अधिक पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में कई बार होटल, रिसार्ट और कैंपों में जगह नहीं मिल पाती। इसलिए बेहतर होगा कि इससे बचने के लिए होटल, कैंप, रिसार्ट आदि के लिए आनलाइन बुकिंग करा लें।

यदि आप गंगा में रिवर राफ्टिंग करना चाहते हैं तो इसके लिए भी एडवांस बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है। कई बार आन स्पाट बुकिंग के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है और कई बार तो आन स्पाट बुकिंग ही नहीं मिल पाती।

गंगा के पक्के और सुरक्षित घाटों पर करें स्नान

तीर्थनगरी ऋषिकेश में आने वाले पर्यटक अक्सर गंगा के किनारे घूमते हुए स्नान के लिए गंगा में उतर जाते हैं। यहां गंगा के कुछ चिह्नित घाट ही स्नान के लिए सुरक्षित हैं, जबकि अधिकांश घाट सुरक्षा की दृष्टि से बेहद खतरनाक हैं।

अक्सर ऐसे घाटों पर स्नान करना खतरे से खाली नहीं रहता। इसलिए यदि गंगा में स्नान करना हो तो इस बात का विशेष ध्यान रहे कि वह घाट स्नान के लिए निर्धारित घाट हो और घाट पर चेन आदि के सुरक्षा इंतजाम हों।

ऐसे पहुंचे ऋषिकेश

हवाई मार्ग- जौलीग्रांट एयरपोर्ट (देहरादून)

रेल मार्ग- योग नगरी ऋषिकेश

Edited By: Raksha Panthri