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उत्तराखंड के निजी नर्सिंग संस्थानों को एक साल में बनाने होंगे अपने अस्पताल, फिलहाल सरकारी अस्पतालों से जुड़ने का मौका

Published: Fri, 30 Oct 2026 08:24 PM (IST)

उत्तराखंड में निजी नर्सिंग संस्थानों को अब एक साल के भीतर अपने अस्पताल या आवश्यक प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित करनी होंगी। ...और पढ़ें

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राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। उत्तराखंड में निजी नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थानों को अब विद्यार्थियों के प्रशिक्षण के लिए सरकारी अस्पतालों से जोड़ा जाएगा। इसके लिए संबंधित संस्थानों और विश्वविद्यालयों के नजदीकी राजकीय अस्पताल चिह्नित किए जाएंगे। हालांकि, यह व्यवस्था स्थायी नहीं होगी।

नर्सिंग और एलाइड हेल्थकेयर पाठ्यक्रम संचालित करने वाले सभी संस्थानों को एक वर्ष के भीतर अपने अस्पताल अथवा आवश्यक प्रशिक्षण सुविधाओं की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। शुक्रवार को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया।

बैठक में निजी नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थानों की ओर से संचालित पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को व्यावहारिक और नैदानिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के मुद्दे पर चर्चा हुई। दरअसल, इन संस्थानों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को अस्पतालों में प्रशिक्षण की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राजकीय अस्पतालों से संबद्धता की व्यवस्था बनाने की मांग उठाई गई थी।

बैठक में निर्देश दिए गए कि ऐसे संस्थानों को सरकारी अस्पतालों में आवश्यक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए विभागाध्यक्ष चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को संबंधित संस्थान और विश्वविद्यालय के नजदीकी राजकीय अस्पताल चिह्नित करने को कहा गया है।

इससे विद्यार्थियों को अस्पतालों में मरीजों की देखभाल, उपचार प्रक्रिया और अन्य व्यावहारिक कार्यों का अनुभव मिल सकेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था केवल अंतरिम तौर पर होगी।

नर्सिंग और एलाइड हेल्थकेयर पाठ्यक्रम संचालित करने वाले सभी संस्थानों को एक वर्ष के भीतर अपने अस्पताल अथवा आवश्यक प्रशिक्षण संबंधी आधारभूत सुविधाएं विकसित करनी होंगी। इसके बाद उन्हें प्रशिक्षण के लिए सरकारी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

बैठक में विभागीय सचिव विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक एवं विभागाध्यक्ष चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. सुनीता टम्टा, चिकित्सा शिक्षा निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डा. आशुतोष सयाना समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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