उत्तराखंड में बेरोजगार युवाओं का हल्ला-बोल, देहरादून में सचिवालय कूच कर उठाई भर्ती की मांग
देहरादून में उत्तराखंड बेरोजगार संघ के नेतृत्व में युवाओं ने रिक्त पदों पर भर्ती विज्ञप्तियां जारी करने और लंबित प्रक्रियाओं को पूरा करने की मांग को लेकर महारैली निकाली।


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, देहरादून। प्रदेश के विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती विज्ञप्तियां जारी करने और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को पूरा करने की मांग को लेकर शुक्रवार को बेरोजगार युवाओं ने महारैली निकाली। उत्तराखंड बेरोजगार संघ के नेतृत्व में प्रदेशभर से देहरादून पहुंचे युवाओं ने परेड ग्राउंड से सचिवालय तक कूच किया। इस दौरान युवाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी 17 सूत्रीय मांगों को पूरा करने की आवाज उठाई।
महारैली का नेतृत्व कर रहे संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा कि प्रदेश के हजारों युवा लंबे समय से विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती का इंतजार कर रहे हैं। इसके बावजूद कई विभागों में अब तक भर्ती विज्ञप्तियां जारी नहीं की गई हैं। वहीं, विभिन्न भर्तियों की लंबित प्रक्रियाओं और परीक्षा परिणामों में देरी के चलते युवाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार को युवाओं की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए रिक्त पदों पर जल्द भर्ती विज्ञप्तियां जारी करनी चाहिए और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक युवाओं की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
ये हैं प्रमुख मांगें
संघ की प्रमुख मांगों में सिंचाई विभाग में प्रतिरूप सहायक के पदों पर भर्ती विज्ञप्ति जारी करना और लोक निर्माण विभाग में अमीन के पदों पर नया भर्ती विज्ञापन जारी करना शामिल है। इसके अलावा शहरी विकास विभाग में अधिशासी अधिकारी, पर्यावरण पर्यवेक्षक और कर संग्रहकर्ता के रिक्त पदों पर भर्ती की मांग उठाई गई।
उच्च शिक्षा विभाग में प्रयोगशाला सहायकों के रिक्त पदों पर विज्ञप्ति जारी करने, विभिन्न विभागों में रिक्त पुस्तकालयाध्यक्ष पदों को भरने तथा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) में अनुदेशकों के रिक्त 859 पदों पर भर्ती विज्ञप्ति जारी करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। युवाओं ने सभी विभागों में रिक्त पदों का आकलन कर भर्ती कैलेंडर जारी करने और चयन प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी रोकने की भी मांग की।
