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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 16, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन भी जनरल ओबीसी कर्मचारियों को दिया समर्थन, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

By Sunil NegiEdited By:
Published: Mon, 16 Mar 2020 01:00 PM (IST)

उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन भी जनरल ओबीसी कर्मचारियों के समर्थन में आ गया है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र भी लिखा है।

उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन भी जनरल ओबीसी कर्मचारियों को दिया समर्थन, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन भी जनरल ओबीसी कर्मचारियों को दिया समर्थन, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

देहरादून, जेएनएन। उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन भी जनरल ओबीसी कर्मचारियों के समर्थन में आ गया है। रविवार को एसोसिएशन की सभा में कहा गया कि आंदोलन अब लंबा खिंच रहा है। इससे कर्मचारियों के मध्य आपसी सौहार्द बिगड़ रहा है। हड़ताल खत्म कराने के लिए एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र भी लिखा है। 

एसोसिएशन के केंद्रीय अध्यक्ष जीएन कोठियाल ने कहा कि केंद्रीय कार्यकारिणी की सभा में प्रमोशन में आरक्षण समाप्त करने को लेकर उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन की हड़ताल को लेकर चर्चा की गई। सरकार को चाहिए कि आंदोलित कर्मचारियों को तत्काल वार्ता के लिए बुलाया जाए और पदोन्नति पर से रोक तत्काल हटाई जाए। पत्र में यह भी लिखा गया है कि यदि आंदोलित कर्मचारियों के विरुद्ध किसी तरह की उत्पीड़नात्‍मक कार्रवाई की जाती है तो एसोसिएशन तटस्थ नहीं रहेगा। 

जल्द समाधान निकाले सरकार

राज्य आंदोलनकारियों ने जनरल ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन की लंबे समय से चली आ रही हड़ताल पर त्वरित कार्रवाई करने की मांग की है। कहा कि इससे पूरे राज्य में विकास गति थम सी गई है। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने इस बाबत रविवार को सीएम के नाम पत्र लिखा। जिसमें इस मुद्दे को जल्द हल करने की अपील की गई है। मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी, प्रदेश महासचिव रामलाल खंडूरी और जिला अध्यक्ष प्रदीप कुकरेती ने मांग करते हुए कहा है कि हड़ताली कर्मचारी राजकीय सेवाओं में पदोन्नति में आरक्षण हटाने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों की यह मांग न्यायालय के फैसले के अनुरूप है। प्रदेश में जनरल ओबीसी कर्मचारियों की संख्या डेढ़ लाख के करीब है। अगर इस मामले में जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है तो स्थिति विकट हो सकती है। पदोन्नति में आरक्षण को हटाकर विधानसभा से इस विधेयक को पास कर जनरल ओबीसी कर्मचारियों की मांग को जायज माना जाए।

कोरोना के खिलाफ अभियान में साथ आएं कर्मचारी

प्रदेश में कोरोना को महामारी घोषित करने के बाद सरकार इसकी रोकथाम को लेकर जुटी हुई है। इस कड़ी में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने हड़ताली कर्मचारियों से हड़ताल समाप्त कर इस अभियान में सहयोग देने की फिर अपील की है।

प्रदेश में इस समय जनरल-ओबीसी कर्मचारी पदोन्नति में लगी रोक को हटाने और सुप्रीम कोर्ट के निर्णयानुसार पदोन्नति में आरक्षण हटाने की मांग को लेकर आंदोलनरत है। इस मामले में सरकार चुप्पी साधे है तो वहीं कर्मचारी पीछे हटने को तैयार नहीं है। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सरकारी कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

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इस सबके बीच अब मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने एक बार फिर कर्मचारियों से कोरोना महामारी की रोकथाम को लिए चलाए जा रहे अभियान अभियान में सरकार को सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस समय आपदा जैसी स्थिति है। कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने के लिए लगातार अपील की जा रही है। इस समय ऐसा कदम उठाना उचित नहीं है। इस अभियान में सभी का सहयोग चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शासन कर्मचारी हड़ताल पर भी लगातार नजर रखे हुए है।

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