अदाणी प्लांट शटडाउन से उत्तराखंड में गहराया बिजली संकट, उद्योगों पर असर; रोस्टरिंग शुरू
अदाणी पावर प्लांट, रायगढ़ में शटडाउन के कारण उत्तराखंड को मिलने वाली 350 मेगावाट बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। ...और पढ़ें

350 मेगावाट आपूर्ति ठप, पीक आवर्स में 600 मेगावाट तक कमी की आशंका। प्रतीकात्मक

समय कम है?
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राज्य ब्यूरो, देहरादून। अदाणी पावर प्लांट (रायगढ़) में शटडाउन के कारण उत्तराखंड को मिलने वाली 350 मेगावाट बिजली की आपूर्ति रुक गई है। इससे खासकर औद्योगिक इकाइयों को मिलने वाली बिजली व्यवस्था प्रभावित हो गई है। हालात देखते हुए राज्य में शाम को पीक आवर्स में बिजली की कमी और औद्योगिक क्षेत्रों में रोस्टरिंग शुरू कर दी गई है।
जनवरी से उत्तराखंड को मिड टर्म करार के तहत अदाणी समूह की रायगढ़ इकाई से 350 मेगावाट बिजली मिल रही है, लेकिन थर्मल इश्यू के कारण यह आपूर्ति अचानक बंद हो गई। उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड के डायरेक्टर आपरेशन एके अग्रवाल ने बताया कि तकनीकी कारणों से यह आपूर्ति बाधित हुई है और इसकी बहाली 15 मार्च, 2026 तक होने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि राज्य में रोजाना करीब 2300 मेगावाट बिजली की मांग रहती है। प्रदेश में करीब 33 मिलियन यूनिट बिजली की जरूरत पड़ती है। पहले जहां सात से आठ मिलियन यूनिट की कमी थी, वहीं अब यह अंतर बढ़कर लगभग 18 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया है।
स्थिति को संभालने के लिए बिजली बाजार के रियल-टाइम मार्केट से अतिरिक्त बिजली खरीदने के लिए बोली लगाई जाएगी। साथ ही जिंदल समूह से करीब 120 मेगावाट बिजली मिड टर्म करार के तहत खरीदने की बातचीत चल रही है। यह बिजली उपलब्ध होते ही आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।
शाम के पीक आवर्स में बढ़ेगा दबाव
350 मेगावाट की आपूर्ति बंद होने और बिजली बाजार में कम क्लीयरेंस मिलने के कारण शाम के समय बिजली संकट गहराने की आशंका है। अनुमान है कि शाम 6.30 बजे से रात 12 बजे के बीच करीब 600 मेगावाट की कमी रह सकती है। ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने के लिए जरूरत पड़ने पर ग्रामीण, कस्बाई और औद्योगिक फीडरों में रोस्टरिंग लागू की जा सकती है।
उद्योगों पर असर की आशंका
फूड इंडस्ट्रीज एसोसिएशन आफ उत्तराखंड ने भी औद्योगिक क्षेत्रों में संभावित बिजली कटौती को लेकर चिंता जताई है। संगठन के अनुसार एफएमसीजी सेक्टर पहले ही पैकेजिंग सामग्री की कमी और कीमतों में तेजी से जूझ रहा है, ऐसे में बिजली रोस्टरिंग से उत्पादन और आपूर्ति पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
पावर पल्स
- 350 मेगावाट - एपीएल रायगढ़ से मिलने वाली आपूर्ति बंद
- 15 मार्च, 2026 -आपूर्ति बहाल होने की संभावित तारीख
- 2300 मेगावाट -उत्तराखंड की औसत दैनिक मांग
- 33 मिलियन यूनिट -रोजाना जरूरत
- 18 मिलियन यूनिट -वर्तमान अनुमानित कमी
- 600 मेगावाट -शाम 6:30 से रात 12 बजे तक संभावित कमी
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