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गाजियाबाद की सोसायटियों में सोलर से सस्ती होगी बिजली, पीएम सूर्य घर योजना के तहत मिलेगी सब्सिडी

Published: Fri, 13 Mar 2026 04:38 AM (IST)

गाजियाबाद की मल्टी-स्टोरी सोसायटियों में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत कॉमन एरिया के बिजली खर्च को कम ...और पढ़ें

गंगा-यमुना हिंडन अपार्टमेंट। फाइल फोटो

गंगा-यमुना हिंडन अपार्टमेंट। फाइल फोटो

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समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

लक्ष्य चौधरी, गाजियाबाद। जिले की मल्टी स्टोरी सोसायटियों में कॉमन एरिया के बिजली खर्च को कम करने के लिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोसायटियों में कामन एरिया के लिए सोलर प्लांट लगाने पर प्रति किलोवाट 18 हजार रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। इससे लिफ्ट, पार्किंग, गलियारों की लाइट और पानी की मोटरों में होने वाले बिजली खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है।

विद्युत निगम के अनुसार आवासीय सोसायटियों में सोलर प्लांट लगने से कामन एरिया की बिजली खपत का खर्च काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके लिए अधिकतम 500 किलोवाट क्षमता तक के सोलर संयंत्र लगाने की अनुमति है। यह कनेक्शन केवल सोसायटी के कामन एरिया के लिए ही इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि सोसायटियों के घरेलू कनेक्शन को योजना से नहीं जोड़ा जाएगा।

सोसायटियों में सोलर प्लांट से उत्पन्न बिजली को नेट मीटरिंग व्यवस्था के माध्यम से ग्रिड से जोड़ा जाएगा। यदि प्लांट से जरूरत से अधिक बिजली पैदा होती है तो अतिरिक्त बिजली का समायोजन बिजली बिल में कर दिया जाएगा। इससे सोसायटी के निवासियों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ मिलेगा। इसके अलावा सोसायटियों में ईवी वाहनों की चार्जिंग के लिए भी सोलर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

ऐसे समझें

यदि किसी सोसायटी में 50 फ्लैट हैं तो कामन एरिया के लिए योजना के तहत लगभग 150 किलोवाट तक सोलर कनेक्शन स्वीकृत हो सकता है। योजना के अनुसार फ्लैटों की संख्या के तीन गुना तक भार की अनुमति मिलती है।

ऐसे में 150 किलोवाट के सोलर प्लांट पर 18 हजार रुपये प्रति किलोवाट के हिसाब से करीब 27 लाख रुपये तक सब्सिडी मिल सकती है। इससे सोसायटी का कामन एरिया बिजली खर्च काफी कम हो सकता है।

नेट मीटरिंग से ऐसे मिलेगा लाभ

सोलर प्लांट से बनने वाली बिजली पहले सोसायटी के कामन एरिया में उपयोग होगी। बची हुई बिजली खुद बिजली ग्रिड में चली जाएगी। इसके बाद स्मार्ट मीटर के माध्यम से भेजी गई बिजली का रिकार्ड दर्ज होगा। महीने के अंत में जितनी बिजली ग्रिड में भेजी गई, उसका समायोजन बिजली बिल में कर दिया जाएगा। इससे सोसायटी का कुल बिजली बिल कम हो जाएगा और अतिरिक्त उत्पादन का भी लाभ मिलेगा।

 

पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोसायटियों में सोलर प्लांट लगाने को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे कामन एरिया की बिजली खपत कम होगी और उपभोक्ताओं को बिजली बिल से राहत मिलेगी। नेट मीटरिंग के माध्यम से अतिरिक्त बिजली का समायोजन भी बिल में किया जाएगा।


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- रवीश कुमार गुप्ता, प्रबंध निदेशक, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड