जागरण संवाददाता, देहरादून।  उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने हत्या व लूट जैसे संगीन अपराध में दस वर्ष से फरार चल रहे इनामी बदमाश को रविवार को रतनपुरा पाठवाड़ा, मुरादाबाद से गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। आरोपित मूंगी उर्फ श्यामबाबू उर्फ आरिज उर्फ टमाटर निवासी घोसीपुरा पथरी, हरिद्वार के खिलाफ ऋषिकेश में हत्या व लूट, थाना कलियर में डकैती, थाना मझोला, मुरादाबाद में हत्या के प्रयास व आम्र्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं।

एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपित मूंगी ने 2011 में ग्राम मंसादेवी, गुमानीवाला ऋषिकेश में अपने साथियों के साथ रात को एक घर में घुसकर सोते हुए दो व्यक्तियों की बेरहमी से हत्या व चार व्यक्तियों को गंभीर रूप से घायल कर लाखों की ज्वेलरी लूटी थी। इस मामले में मूंगी के तीन साथियों जोगेंद्र उर्फ जोगी, नरेश उर्फ छोटा और एहसान को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके बाद 2018 में हरिद्वार जिले में कलियर थाना अंतर्गत ग्राम माजरी में मूंगी ने अपने आठ साथियों के साथ एक घर में डकैती डाली थी। घर में सो रहे चार व्यक्तियों को गंभीर रूप से घायल कर आरोपित लाखों की ज्वेलरी लेकर फरार हो गए थे। मूंगी लगातार फरार चल रहा था। उस पर आइजी अपराध एवं कानून व्यवस्था ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ ने 19 दिसंबर 2020 को मूंगी के साथी पांच-पांच हजार रुपये के इनामी फाला निवासी जाफरपुर, मुरादाबाद व 17 जून 2021 को दिलनशी उर्फ नदीम निवासी जाफरपुर, मुरादाबाद को गिरफ्तार किया था।

2019 में मुरादाबाद में हुई थी मुठभेड़

मूंगी न सिर्फ उत्तराखंड, बल्कि उत्तर प्रदेश के लिए भी सिरदर्द बना हुआ था। 2019 में उसकी मुरादाबाद में थाना मझोला क्षेत्र में पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई थी, इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। बदमाश के खिलाफ थाना मझोला में हत्या का प्रयास का मुकदमा दर्ज किया। कुछ समय बाद वह जमानत पर रिहा हो गया। उसके खिलाफ सहारनपुर, बिजनौर, बरेली व मुरादाबाद में भी मुकदमे दर्ज हैं।

घूमंतू जाति से है मूंगी

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि मूंगी घूमंतू जाति से संबंध रखता है। ये लोग ठिकाना बदलकर गंभीर वारदात को अंजाम देते हैं। पहचान छुपाने एवं पुलिस से बचने के लिए वह अपना नाम पता बदलकर खानाबदोश की तरह रहते हैं। मूंगी का मुख्य डेरा कमालपुर दिवियापुर, जिला औरया, उत्तर प्रदेश में है। जब भी वह पुलिस की गिरफ्त में आता था तो वह अपना अलग नाम बताता था, जिससे उसकी पहचान छुपी रह जाती थी।

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Edited By: Raksha Panthri