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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand News : जुलाई में बिजली का रिकार्ड उत्पादन, Power Cut से मिली राहत

By Nirmala BohraEdited By:
Published: Mon, 08 Aug 2022 01:45 PM (IST)

Uttarakhand News भारी वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने से उत्तराखंड की जलविद्युत परियोजनाओं के उत्पादन में रिकार्ड वृद्धि ...और पढ़ें

Uttarakhand News : जुलाई में बिजली का रिकार्ड उत्पादन। फाइल
Uttarakhand News : जुलाई में बिजली का रिकार्ड उत्पादन। फाइल

जागरण संवाददाता, देहरादून : Uttarakhand News : मानसून की गति बढ़ने से प्रदेश में यातायात समेत अन्य मोर्चों पर भले ही दुश्वारियां बढ़ गई हों, मगर विद्युत उत्पादन के लिए यह मुफीद साबित हो रहा है। भारी वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने से उत्तराखंड की जलविद्युत परियोजनाओं के उत्पादन में रिकार्ड वृद्धि हुई है।

इससे प्रदेश में विद्युत की उपलब्धता भी बढ़ गई है और कटौती (Power Cut) से काफी हद तक राहत मिली है। उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने बताया कि जुलाई में यूजेवीएनएल की कई परियोजनाओं ने अपने मासिक लक्ष्य से अधिक विद्युत उत्पादन किया।

जुलाई के उत्पादन पर एक नजर

परियोजना, मासिक लक्ष्य, उत्पादन, क्षमता

छिबरो, 110, 118.471, 240

खोदरी, 52, 55.282, 120

कुल्हाल, 18, 19, 30

व्यासी, 48, 65.871, 120

मनेरी भाली द्वितीय, 190, 194.094, 304

खटीमा, 26, 27.081, 41.4

मोहम्मदपुर, 05, 05.202, 9.3

गलोगी, 0.5, 0.527, 3.5

उरगम, 0.598, 0.627, 03

काली गंगा द्वितीय, 2.150, 2.157, 4.5

(नोट: लक्ष्य व उत्पादन मिलियन यूनिट में और क्षमता मेगावाट में है।)

व्यासी में सबसे अधिक उत्पादन

बीते माह सबसे अधिक विद्युत उत्पादन देहरादून जिले में यमुना नदी पर स्थित 120 मेगावाट की व्यासी परियोजना में हुआ है। 48 मिलियन यूनिट लक्ष्य के सापेक्ष इस परियोजना में 65.871 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया गया। यह लक्ष्य से 37 प्रतिशत ज्यादा है।

17 प्रतिशत ज्यादा उत्पादन

इस वर्ष गर्मी के सीजन में प्रदेश को बिजली की भारी किल्लत का सामना करना पड़ा था, लेकिन चालू वित्तीय वर्ष की शुरुआत के बाद पिछले चार माह में (अप्रैल से जुलाई तक) हुआ विद्युत उत्पादन उम्मीद जगा रहा है।

पिछले वर्ष इसी समयावधि में हुए उत्पादन के सापेक्ष इस वर्ष 17 प्रतिशत ज्यादा विद्युत उत्पादन हुआ है। पिछले वर्ष अप्रैल से जुलाई तक प्रदेश के जलविद्युत गृहों में 1662 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया गया था। वहीं, इस वर्ष समान समयावधि में 1941 मिलियन यूनिट का विद्युत उत्पादन किया गया है।

वर्तमान में प्रदेश में मांग के सापेक्ष पर्याप्त बिजली उपलब्ध है। प्रतिदिन बिजली की मांग 40-42 मिलियन यूनिट के आसपास है। इसके सापेक्ष जलविद्युत परियोजनाओं और केंद्र से आवंटित अंश के तहत 40 मिलियन यूनिट से अधिक उपलब्धता है। ऐसे में फिलहाल प्रदेश में बिजली कटौती नहीं की जा रही है।

-अनिल कुमार, प्रबंध निदेशक, यूपीसीएल