यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 21, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अगर आपने यातायात नियम तोड़ा तो होगा ई चालान, परिवहन विभाग ने सड़कों पर उतरेगा ई-चालान मशीन युक्त 30 बाइक
Uttarakhand News यातायात नियम तोड़ने वालों का ई-बाइक से चालान किया जाएगा। इसके तहत परिवहन विभाग की ओर से राज्य ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून: बढ़ते सड़क हादसों पर नियंत्रण के लिए परिवहन विभाग की ओर से राज्य की सड़कों पर 30 ई-चालान मशीन युक्त बाइक उतारी जा रही हैं। इन पर सीनियर सुपरवाइजर और प्रवर्तन सिपाही तैनात रहेंगे। तेज रफ्तार वाले वाहनों पर कार्रवाई के लिए इन्हें रडार-गन भी दी जाएंगी। आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्ट में यह बाइक दल 24 घंटे कार्रवाई करेंगे।
शहरी क्षेत्रों के साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों की उन सड़कों तक प्रवर्तन की कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग कसरत कर रहा, जहां पर विभाग की इंटरसेप्टर या जीप नहीं पहुंच पा रही है।
इसके लिए एचडीएफसी बैंक की ओर से परिवहन विभाग को सीएसआर फंड से 90 ई-चालान डिवाइस उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में बुधवार को परिवहन मुख्यालय में बैंक के अधिकारियों की ओर से सीनियर सुपरवाइजर व प्रवर्तन सिपाहियों को मशीन चलाने का प्रशिक्षण दिया गया।
परिवहन उपायुक्त सुधांशु गर्ग ने बताया कि ई-चालान बाइक के जरिये परिवहन नियम तोड़ने वाले बाइक व कार चालकों पर मुख्य फोकस किया जाएगा। विभाग ने दो बाइक खरीद ली हैं, जबकि 28 बाइक खरीदने के लिए शासन से अनुमति ली जा रही है।
इसके बाद दोपहिया पर तीन सवारी, बिना हेलमेट वाहन चलाना, कार में सीट बेल्ट न लगाना या बेकाबू रफ्तार व नशे में वाहन चलाने आदि पर कार्रवाई में तेजी जाएगी। बताया जा रहा कि विभाग की ओर से पहली बार प्रवर्तन कार्य में सीनियर सुपरवाइजर की तैनाती की जा रही। इस दौरान एआरटीओ मुख्यालय आनंद जायसवाल भी मौजूद रहे।
बढ़ेंगे डीएल के टेस्ट स्लाट
परिवहन विभाग देहरादून में लिए जा रहे ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट के स्लाट बढ़ाने जा रहा है। वर्तमान में दून आरटीओ में लर्निंग लाइसेंस के रोजाना 100 स्लाट हैं, जबकि परमानेंट लाइसेंस के 150 स्लाट आवंटित किए जा रहे हैं।
आरटीओ प्रशासन दिनेश चंद्र पठोई ने बताया कि आवेदक लगातार स्लाट की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे। ऐसे में लर्निंग लाइसेंस के स्लाट को बढ़ाकर 150 करने का विचार चल रहा है।
चूंकि, परमानेंट लाइसेंस का टेस्ट आइटीडीआर झाझरा में होता है, लिहाजा वहां के प्रबंधन से वार्ता के बाद परमानेंट लाइसेंस के स्लाट बढ़ाने का निर्णय लिया जाएगा।
