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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Heavy Rain Red Alert: उत्‍तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी, सीएम धामी ने कहा- 'अलर्ट रहें अधिकारी'

Published: Sun, 31 Aug 2025 08:17 PM (IST)

उत्तराखंड में भारी बारिश के रेड अलर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री धामी ने शासन और जनपद स्तरीय अधिकारियों को सतर्क ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ की उच्च स्तरीय बैठक। फाइल फोटो
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ की उच्च स्तरीय बैठक। फाइल फोटो

HighLights

  1. मौसम विभाग द्वारा जारी रेड तथा ऑरेंज अलर्ट जारी
  2. सीएम धामी ने कहा- कहा-आपदा प्रभावितों के साथ भावनाओं व संवेदनाओं से भी जुड़े हैं

जागरण संवाददाता खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौसम विभाग द्वारा अगले कुछ दिनों के लिए प्रदेश के अधिकांश जनपदों के लिए जारी रेड तथा ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए शासन तथा जनपद स्तरीय अधिकारियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने तथा 24 घंटे अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए।

इस दौरान उन्होंने कहा कि अत्यधिक वर्षा के कारण राज्य के सामने लगातार चुनौतियां बनी हुई हैं और मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए समुचित कदम उठाए जाएं।

उठाए जाएं एहतियाती कदम

भूस्खलन के दृष्टिगत मार्गों में विशेष सतर्कता बरती जाए तथा मैदानी क्षेत्रों में जल भराव की आशंका को देखते हुए सभी एहतियाती कदम उठाए जाएं। उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास श्विनोद कुमार सुमन को निर्देश दिए कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से हर स्थिति पर नजर रखी जाए।

रविवार को मुख्यमंत्री ने शासन तथा जिले के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर राहत बचाव कार्यों का जायजा लिया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग आपदाओं में बेघर हो गए हैं, सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और उनके बेहतर से बेहतर पुनर्वास के लिए हर स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने दोनों मंडलायुक्तों को निर्देश दिए कि आपदा प्रभावितों के पुनर्वास के लिए शीघ्रता से कार्य करते हुए मैदानी जनपदों में पुनर्वास किए जाने के विकल्पों पर भी कार्य करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में हम सभी प्रभावित भाइयों-बहनों की पीड़ा को गहराई से समझते हैं। राज्य सरकार केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि हम उनकी भावनाओं और संवेदनाओं से भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों से भी अपेक्षा की कि उनके दुख को अपना दुख मानकर, उनके पुनर्वास और जीवन को सामान्य बनाने के लिए पूर्ण मनोयोग से कार्य करें।