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    हरीश रावत का धामी सरकार पर आरोप, परिसंपत्तियों के मामले में उत्तर प्रदेश के सामने किया आत्मसमर्पण

    By Raksha PanthriEdited By:
    Updated: Sat, 20 Nov 2021 01:42 PM (IST)

    हरीश रावत ने धामी सरकार पर राज्य की परिसंपत्ति बटवारे के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के सामने आत्मसमर्पण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसका विरोध करेगी। उन्होंने 18 नवंबर को काले दिन के रूप में मनाने की घोषणा की।

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    हरीश रावत ने धामी सरकार पर लगाए आरोप। जागरण

    राज्य ब्यूरो, देहरादून। पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति अध्यक्ष हरीश रावत ने उत्तरप्रदेश के साथ परिसंपत्तियों के मामले को लेकर धामी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री धामी उत्तराखंड की परिसंपत्तियों की रक्षा करने में विफल रहे हैं। उत्तरप्रदेश के साथ मुख्यमंत्री धामी ने जो समझौते किए हैं, उसे कांग्रेस अस्वीकार करते हुए सड़क से सदन तक आंदोलन का बिगुल फूंकेगी। समझौते वाले दिन को काला दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

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    प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में शनिवार को हरीश रावत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह के साथ पत्रकारों से मुखातिब हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि धामी सरकार ने उत्तरप्रदेश सरकार के सामने आत्म समर्पण कर दिया है। 2018 में ही भाजपा की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने दोनों राज्यों के बीच परिसंपत्तियों के समाधान के लिए जो फार्मूला तय किया था, धामी सरकार ने इसे भी दरकिनार कर दिया। हालांकि कांग्रेस ने पिछली त्रिवेंद्र सरकार के सिंचाई विभाग की परिसंपत्तियों का 75 प्रतिशत उत्तराखंड और 25 प्रतिशत उत्तरप्रदेश को दिए जाने के फार्मूले का भी विरोध किया था।

    उन्होंने कहा कि परिसंपत्तियों को जो जिस स्थान पर है, उसे ही दिए जाने के प्राकृतिक सिद्धांत और न्याय का पालन नहीं किया जा रहा है। अब सिंचाई विभाग की परिसंपत्तियों का दोबारा सर्वेक्षण कर बटवारे का फार्मूला तय किए जाने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने भी परिसंपत्तियों के विवाद के समाधान को लेकर उत्तरप्रदेश की तत्कालीन अखिलेश सरकार से वार्ता की थी। इसमें राज्य के भीतर जलाशयों को उत्तराखंड को सौंपने पर सैद्धांतिक सहमति बनी थी। मौजूदा सरकार इस सहमति पर आगे बढऩे के बजाय पीछे हट गई है।

    टिहरी बांध पर राज्य को नहीं मिलेगा अधिकार

    हरीश रावत ने परिसंपत्तियों के मामलों को लेकर अदालत में चल रहे मामले वापस लेने के निर्णय पर भी आपत्ति की। उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर टिहरी बांध के संबंध में राज्य को उसका अधिकार नहीं मिल सकेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राष्ट्रीय कद के सामने मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड के अधिकारों की अवहेलना की। उन्होंने कुर्सी को बचाने के लिए राज्य के हितों को तिलांजलि दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस धामी सरकार के इस समझौते के विरोध में अदालत की शरण में जाने पर विचार कर रही है। इस संबंध में वरिष्ठ अधिवक्ता से राय ली जा रही है। कांग्रेस कोर कमेटी आगे की रणनीति भी तय करेगी।

    18 नवंबर को काला दिवस मनाएंग

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तरप्रदेश के साथ बीती 18 नवंबर के दिन बनी सहमति को बतौर काला दिवस मनाया जाएगा। राज्यपाल से कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल मिलकर विरोध जताएगा। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि उत्तरप्रदेश के साथ समझौते ने भाजपा के नारे 'अटल ने बनाया, मोदी संवारेंगे' की पोल खोल दी है। त्रिपल इंजन की सरकार मामले का समाधान करने में विफल रही है।

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