विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

उत्तराखंड मतदाता सूची में बड़ी गिरावट, देहरादून के राजपुर रोड में बदरीनाथ-केदारनाथ से भी कम वोटर

Published: Sun, 18 Oct 2026 08:32 AM (IST)

उत्तराखंड में मतदाता सूची से पांच साल में 11.07 लाख नाम काटे जाने का दावा किया गया है, जिससे कुल मतदाताओं में 13.40% की गिरावट आई है।

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में बड़ी गिरावट का दावा किया गया है।

सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल और प्रवीण उप्रेती की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव की तुलना में तीन अक्टूबर को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में 11,07,695 मतदाता कम हुए हैं। यह 13.40 प्रतिशत की गिरावट है। सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा देहरादून की राजपुर रोड विधानसभा सीट का है, जहां अब बदरीनाथ और केदारनाथ से भी कम मतदाता रह गए हैं।

देहरादून जिले में करीब 3.03 लाख मतदाता कम

शनिवार को देहरादून प्रेस क्लब में जारी रिपोर्ट में दावा किया गया कि, वर्ष 2022 में प्रदेश में 82.66 लाख मतदाता थे, जो अब घटकर 71.59 लाख रह गए हैं। रिपोर्ट में निर्वाचन आयोग से नाम हटाए जाने के कारणों का विधानसभा क्षेत्रवार और मतदान केंद्रवार ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, देहरादून जिले में करीब 3.03 लाख मतदाता कम हुए हैं।

विधानसभा क्षेत्रों में देहरादून कैंट में 34.19 प्रतिशत, राजपुर रोड में 32.64 प्रतिशत और धर्मपुर में 27.59 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। राजपुर रोड में वर्ष 2022 में 1,19,615 मतदाता थे, जो अब घटकर 80,569 रह गए हैं। वहीं, बदरीनाथ में 91,555 व केदारनाथ में 85,924 मतदाता हैं। यानी राजपुर रोड में बदरीनाथ से 10,986 और केदारनाथ से 5,355 मतदाता कम हैं।

36 सीटों पर महिला मतदाताओं में ज्यादा गिरावट

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्रदेश की 70 विधानसभा सीटों में से 36 पर महिला मतदाताओं की संख्या में प्रतिशत के लिहाज से पुरुषों की तुलना में अधिक गिरावट आई है। ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, टिहरी, उत्तरकाशी और अल्मोड़ा जिलों में भी यही प्रवृत्ति सामने आने की बात कही गई है।

रिपोर्ट में निर्वाचन आयोग से महिला और पुरुष मतदाताओं के आंकड़े अलग-अलग जारी करने तथा नाम हटाने के कारण स्पष्ट करने की मांग की गई है। साथ ही मृत्यु, पलायन, दोहरी प्रविष्टियों और अन्य कारणों का अलग-अलग विवरण सार्वजनिक करने को कहा गया है।

यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में अब एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर बनेगी मतदाता सूची, मिलेगा नए वोटर जुड़वाने का मौका

यह भी पढ़ें- लंबे अंतराल के बाद हुए SIR के कारण मतदाता सूची से बड़ी संख्या में कटे नाम, नए नियम भी बने वजह