उत्तराखंड में अब एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर बनेगी मतदाता सूची, मिलेगा नए वोटर जुड़वाने का मौका
उत्तराखंड में अब विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची तैयार की जाएगी। इसमें 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष पूरे करने वाले युवा भी आवेदन कर सकेंगे।

राज्य ब्यूरो, जागरण, देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बाद मतदाता सूची से छूटे पात्र मतदाताओं को शामिल करने की प्रक्रिया अब विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के तहत संचालित होगी।
भारत निर्वाचन आयोग ने एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर नई मतदाता सूची तैयार करने के निर्देशों के क्रम में उत्तराखंड में भी 12 नवंबर से पुनरीक्षण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, नाम में संशोधन कराने और सूची में दर्ज त्रुटियों को दूर कराने का अवसर मिलेगा।
उत्तराखंड में एसआइआर का कार्य समाप्त हो चुका है। एसआइआर के दौरान मतदाता सूची में शामिल होने से रह गए व्यक्तियों के नाम फिर से शामिल कराने के लिए प्रदेश में अभियान चल रहा है।
अब भारत निर्वाचन आयोग ने इस वर्ष फिर से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस क्रम में उत्तराखंड में चल रहा विशेष अभियान विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के तहत आगे चलेगा।
इसके तहत एक जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी मतदाता बनने के लिए आवदेन कर सकेंगे। विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया के तहत दो नवंबर तक मतदान केंद्रों से जुड़ा काम पूरा किया जाएगा।
इसके बाद 12 नवंबर 2026 को वोटर लिस्ट की पहली सूची जारी होगी। अगर किसी को इसमें नाम जोड़ना, हटवाना या कोई गलती ठीक करानी है तो 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
इन आवेदनों की जांच 28 दिसंबर तक पूरी की जाएगी। इसके बाद चार जनवरी 2027 को अंतिम वोटर लिस्ट जारी होगी। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तूदास ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में प्रदेश में भी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान चलाया जाएगा।
