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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 17, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarakhand Election 2022: जानिए क्यों हरक सिंह रावत के लिए कांग्रेस में भी आसान नहीं तीन टिकट, पार्टी पर भी है ये दबाव

By Raksha PanthriEdited By:
Published: Mon, 17 Jan 2022 08:25 AM (IST)Updated: Mon, 17 Jan 2022 11:26 AM (IST)

Uttarakhand Vidhan Sabha Election 2022 हरक सिंह रावत की आस कांग्रेस में भी पूरी होना आसान नहीं है। कांग्रेस पर ...और पढ़ें

Uttarakhand Vidhan Sabha Election 2022 हरक सिंह रावत के लिए कांग्रेस में भी आसान नहीं तीन टिकट। जागरण आर्काइव
Uttarakhand Vidhan Sabha Election 2022 हरक सिंह रावत के लिए कांग्रेस में भी आसान नहीं तीन टिकट। जागरण आर्काइव

राज्य ब्यूरो, देहरादून। Uttarakhand Vidhan Sabha Election 2022 भाजपा में एक से ज्यादा टिकट के लिए दबाव बनाने में सफल नहीं हो सके पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत (Harak Singh Rawat) की आस कांग्रेस में भी पूरी होना आसान नहीं है। कांग्रेस पर भी एक परिवार से एक ही टिकट दिए जाने को लेकर दबाव है। कार्यकर्त्ताओं में पनप रहे असंतोष को देखते हुए ही पार्टी के लिए यह फैसला लेना आसान नहीं होगा। भाजपा ने जिस तरह दबाव में आए बगैर सख्त रुख अपनाया, उसी तरह कांग्रेस ने भी कदम उठाया तो हरक सिंह रावत की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत भाजपा में तीन टिकट की मांग कर रहे थे। लैंसडौन से अपनी पुत्रवधू अनुकृति गुसाईं (Anukriti Gusain) के लिए टिकट की उन्होंने मांग की तो अपने लिए भी कोटद्वार से अन्यत्र टिकट के लिए दबाव बनाने की कोशिश ही उन पर भारी पड़ गई। भाजपा ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसके साथ ही अब अंदेशा यह जताया जाने लगा है कि ज्यादा टिकट की उनकी मांग को कांग्रेस पूरा करेगी या नहीं। 2016 में कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हरक सिंह रावत बगावत कर भाजपा में शामिल हुए थे।

कांग्रेस में वापसी कर रहे हरक सिंह रावत की एक से ज्यादा टिकट की चाहत पूरी होगी, इस पर संदेह भी जताया जा रहा है। कांग्रेस में टिकट के दावेदारों की कतार लंबी है। उन्हें संतुष्ट करने में ही पार्टी को मशक्कत करनी पड़ रही है। हरक सिंह रावत की एक से ज्यादा टिकट की मांग की पूर्ति करने में कांग्रेस को भी परेशानी से जूझना होगा। ऐसी स्थिति में समझौते के लिए हालात क्या होंगे, इसे लेकर कोई भी पक्ष अभी पत्ते खोलने को तैयार नहीं है।

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