Uttarakhand Glacier Burst: चमोली आपदा में अब तक 56 शव हुए बरामद
Uttarakhand Glacier Burst अब तक कुल बरामद किए गए कुल 55 शवों और 22 मानव अंगों में से 29 शवों और एक मानव अंग की शिनाख्त की जा चुकी है। जिन शवों की शिनाख्त नहीं हो पाई है उन सभी के डीएनए सैंपल संरक्षित किए गए हैं।

जागरण टीम, देहरादून। Uttarakhand Glacier Burst तपोवन में एनटीपीसी के निर्माणाधीन हाइड्रो प्रोजेक्ट की टनल से शवों के मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सुरंग से तीन शव बरामद किए गए हैं। बचाव अभियान अगले 3-4 दिनों तक जारी रहेगा। इसके अलावा एक शव मैठाणा से बरामद हुआ है। आपको बता दें कि आपदा के बाद से ही टनल के नीचे एसएफटी (सिल्ट फ्लशिंग टनल) तक पहुंचने में बाधा बन रहे मलबे के विकल्प के तौर पर आजमाया गया ड्रिलिंग का काम रविवार को अंजाम तक तो पहुंचा, लेकिन जिंदगियों को बचाने के लिए पिछले आठ दिनों से चलाए जा रहे रेस्क्यू आपरेशन के हौसले पस्त कर दिए।
UPDATES
- लापता 204 व्यक्तियों में से अब तक 56 शव और 22 मानव अंग बरामद हुए हैं। चमोली जिले के जोशीमठ थाने में 179 व्यक्तियों की गुमशुदगी दर्ज है।
- तीन और मृतकों की शिनाख्त। सोमवार को चमोली के आपदा प्रभावित क्षेत्र में विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना की मुख्य टनल से बरामद तीन शवों की शिनाख्त कर ली गई हैं। इनका विवरण निम्नवत है। गजेंद्र पुत्र राम सिंह, निवासी धनकन रायपुर शिवपुरी मध्य प्रदेश, सत्यपाल पुत्र मदन सिंह, निवासी ग्राम मसोली, विकासखंड पोखरी चमोली और सलदार पुत्र जुइयां दास, निवासी समल्टआ थाना कालसी देहरादून।
- एसडीआरएफ के अनुसार, चमोली आपदा में अब तक 56 शव बरामद हुए हैं।
- अलकनंदा नदी में मैठाणा बगड़ से शव बरामद।
- कल रात को लगभग डेढ़ एक शव और आज सुबह सात बजे एक अन्य शव तपोवन टनल से बरामद हुआ।
एसएफटी के मलबे से पटे होने की जानकारी मिलने से रेस्क्यू टीम, प्रशासन और टनल में फंसे व्यक्तियों के स्वजनों को निराश कर दिया। अब तक कुल बरामद किए गए कुल 55 शवों और 22 मानव अंगों में से 29 शवों और एक मानव अंग की शिनाख्त की जा चुकी है। जिन शवों की शिनाख्त नहीं हो पाई है, उन सभी के डीएनए सैंपल संरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा जोशीमठ थाने में अब तक कुल 179 लोगों की गुमशुदगी दर्ज की जा चुकी है, जबकि अब तक कुल 55 परिजनों के डीएनए सैंपल शिनाख्त में सहायता के लिए लिए गए हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।