जागरण संवाददाता, देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 4-5 दिसंबर को आयोजित होने वाली संयुक्त परीक्षा के प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं। यह परीक्षा स्नातक स्तरीय अहर्ता वाले 13 पदों के लिए आयोजित की जा रही है। इसमें सहायक समाज कल्याण अधिकारी, छात्रावास अधीक्षक, राज्य निर्वाचन आयोग के सहायक समीक्षा अधिकारी, राजस्व विभाग में सहायक चकबंदी अधिकारी, सूचना विभाग में संवीक्षक, संरक्षक कम डाटा एंट्री आपरेटर, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास के सुपरवाइजर, जनजाति कल्याण विभाग के मैटर्न सह हास्टल इंचार्ज, पर्यटन विकास विभाग में सहायक स्वागती, सहायक प्रबंधक उद्योग, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी आदि के 854 पद हैं।

प्रवेश पत्र www.sssc.uk.gov.in से डाउनलोड किए जा सकते हैं। आयोग के सचिव संतोष बडोनी ने बताया कि अभ्यर्थी को प्रवेश पत्र, 2 फोटो व फोटोयुक्त मूल पहचान पत्र के साथ केंद्र पर आना होगा। परीक्षा केंद्र पर अन्य किसी भी प्रकार की सामग्री या पेन आदि लाना वर्जित है। वर्जित सामग्री का विवरण वेबसाइट पर दिया गया है। उन्होंने बताया कि परीक्षा तीन पालियों में आयोजित की जाएगी।

अगर किन्हीं कारणों से कुछ परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा दोबारा कराई जाती है तो परिणाम इसी नार्मलाइजेशन प्रक्रिया से जारी होगा। अभ्यर्थी को उनके केंद्र के विकल्प के आधार पर ही परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं। जहां पर अभ्यर्थी संख्या अधिक थी, केवल वहीं निकट के केंद्र का दूसरा विकल्प अभ्यर्थी को दिया गया है। बडोनी ने बताया कि यदि किसी दिव्यांग को सहायक की आवश्यकता है तो वह अपने अनुरोध पत्र निर्धारित प्रमाण पत्र के साथ आयोग को अगले तीन दिन में अनिवार्य रूप से chayanayog@gmail.com पर मेल कर दें।

छात्रों को नई तकनीक से रूबरू कराया

शिवालिक कालेज आफ इंजीनियरिंग में पाइथन फार डाटा एनालिसिस यूजिंग पांडाज कार्यशाला में नई तकनीक से रूबरू कराया गया। कार्यशाला का उद्घाटन कालेज के निदेशक डॉ. प्रहलाद सिंह ने किया। उन्होंने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दौर तकनीक है। जो व्यक्ति या संस्थान नई तकनीक के साथ काम करेगा, वह हमेशा एक कदम आगे रहेगा। इस अवसर पर कंप्यूटर साइंस विभाग के समन्वयक आशुतोष भट्ट ने छात्रों को विभिन्न तरह की नई तकनीक की जानकारी दी। कार्यशाला में 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया और भविष्य की तकनीक के बारे में जानकारी हासिल की। इस अवसर पर असिस्टेंट प्रोफेसर ग्लेन, शिव सिंह चौहान, वैभव रंजन आदि उपस्थित रहे।

यह भी पढें- उत्तराखंड में जोखिम आधारित आडिट की व्यवस्था लागू, ऐसा करने वाला बना पहला राज्य

Edited By: Raksha Panthri