Updated: Sun, 20 Apr 2025 01:07 PM (IST)
उत्तराखंड बोर्ड (UBSE UK Board Result 2025) की 10वीं कक्षा का परीक्षाफल पहली बार 90% से अधिक रहा। यह सफलता उत्तराखंड राज्य बनने के बाद पहली बार मिली है। 12वीं का रिजल्ट भी लगातार चौथे साल बढ़ा है। सरकार की छात्रवृत्ति योजनाओं से स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने में मदद मिल सकती है। बोर्ड अब सीबीएसई के स्तर पर सुधार करने की कोशिश कर रहा है।
रविंद्र बड़थ्वाल, जागरण, देहरादून : उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं के परीक्षार्थियों ने हौसले के साथ कदम बढ़ाते हुए परीक्षाफल को पहली बार 90 प्रतिशत से ऊपर पहुंचा दिया। अलग उत्तराखंड राज्य बनने और सीबीएसई पाठ्यक्रम अपनाने के बाद बोर्ड के खाते में भी यह सफलता पहली बार दर्ज हुई है।
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गुणवत्ता की दृष्टि से भी यह प्रदर्शन उत्साहवर्द्धक है। इससे पहले केवल कोरोनाकाल में लिखित परीक्षा के बगैर घोषित 10वीं व 12वीं के परीक्षाफल में पास प्रतिशत 99 प्रतिशत से अधिक रहा था। 12वीं में भी लगातार चौथे वर्ष परीक्षाफल बढ़ा, यद्यपि वृद्धि 0.6 प्रतिशत रही है।
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छठी से 12वीं तक माध्यमिक कक्षाओं में छात्रवृत्ति योजना के रूप में सरकार ने राजकीय विद्यालयों में नई उम्मीद जगाई है। इस योजना आने वाले वर्षों में बोर्ड को घटती छात्रसंख्या की परेशानी से राहत दिला सकती है।
परीक्षाफल में सुधार करने की चुनौती
उत्तराखंड बोर्ड के सामने अभी सीबीएसई के 10वीं व 12वीं और आइएससीई एवं आइएससी के अनुसार परीक्षाफल में सुधार करने की चुनौती है। यद्यपि, सीबीएसई की भांति उत्तराखंड बोर्ड भी एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम को अपना चुका है। वर्ष 2025 समेत विगत चार वर्षों में 10वीं व 12वीं के परीक्षाफल में निरंतर वृद्धि होने से उत्तराखंड बोर्ड के साथ ही छात्र-छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ने के अब स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं।
इस वर्ष 10वीं में 1.63 प्रतिशत और 12वीं में 0.60 प्रतिशत की परीक्षाफल में वृद्धि हुई, जबकि गत वर्ष 3.97 प्रतिशत की वृद्धि हुई 10वीं हुई थी। 10वीं में लगातार दूसरे वर्ष सम्मान सहित प्रथम श्रेणी और प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने वाले मेधावियों की संख्या क्रमश: 11.32 प्रतिशत और 27.92 प्रतिशत पहुंच गई। 12वीं में गुणवत्ता के मोर्चे पर गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष राह कुछ कठिन हो गई।
सम्मान सहित प्रथम श्रेणी और प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने वालों की संख्या पिछले वर्ष से घट गई। पर्वतीय जिलों का अच्छा प्रदर्शन बोर्ड परीक्षाफल में पर्वतीय जिलों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत अच्छा रहा है। ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, नैनीताल एवं देहरादून जिले 12वीं व 10वीं के परीक्षाफल में शेष पर्वतीय जिलों से पिछड़े हैं।
पर्वतीय जिलों में पौड़ी प्रदर्शन में पीछे छूट गया। वर्ष 2025 में 10वीं का परीक्षाफल 90.77 प्रतिशत रहा है। वर्ष 2024, वर्ष 2023, वर्ष 2022 में यह क्रमश: 89.14 प्रतिशत, 85.17 प्रतिशत, 77.47 प्रतिशत था। इसी प्रकार वर्ष 2025 में 12वीं का परीक्षाफल 83.23 प्रतिशत है। वर्ष 2024, वर्ष 2023, वर्ष 2022 में यह क्रमश: 82.63 प्रतिशत, 80.98 प्रतिशत, 82.63 प्रतिशत रहा है।
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इंटर में बढ़ गए 14325 परीक्षार्थी
राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में छात्रसंख्या घट रही है। इसे थामने में अभी तक विभाग को सफलता नहीं मिली है। इस बार 10वीं में गत वर्ष की तुलना में 2518 परीक्षार्थी घटे हैं। 12वीं कक्षा में कुछ राहत मिली और वहां परीक्षार्थियों की संख्या में 14,325 की वृद्धि हुई। वर्ष 2024 में वर्ष 2023 की तुलना में 47 हजार से अधिक परीक्षार्थी घट गए थे। इनमें 10वीं में घट गए 15,467 परीक्षार्थी सम्मिलित हैं।
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छात्रसंख्या को थामने और मेधावियों को प्रोत्साहित करने के लिए माध्यमिक स्तर पर कक्षा छह से 12वीं तक मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति योजना प्रारंभ की गई है। माना जा रहा है कि इस योजना का प्रभाव अब कुछ प्रभाव दिखा रहा है। आने वाले वर्षों में इससे छात्रसंख्या में वृद्धि देखने को मिल सकती है।
उत्तराखंड बोर्ड में इस प्रकार रही परीक्षार्थियों की संख्या
वर्ष | 10वीं | 12वीं |
2021 | 147155 | 121705 |
2022 | 127895 | 111688 |
2023 | 127844 | 123945 |
2024 | 112377 | 92020 |
2025 | 109859 | 106345 |
‘उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं व 12वीं परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले सभी छात्रों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आप लोग इसी तरह सफलता के नए सोपान छूते जाएं, ईश्वर से यही प्रार्थना है। जो छात्र इस बार सफल नहीं हो सके, निराश न हों। असफलता अंत नहीं बल्कि नए संकल्प की शुरुआत है। आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय के साथ पुन: प्रयास करें।’ -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री ‘उत्तराखंड बोर्ड में उत्तीर्ण होने वाले सभी छात्र-छात्राओं को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं। यह सफलता आपकी कड़ी मेहनत, आत्मविश्वास एवं समर्पण का परिणाम है। यह उपलब्धि आपके परिवार, गुरुजन और पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।’ -राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि)।
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