विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Himalaya Diwas 2023: आज है हिमालय दिवस, राज्यपाल ने दी बधाई; जलवायु परिवर्तन पर होगा मंथन

By Swati SinghEdited By: Swati Singh
Published: Sat, 09 Sep 2023 08:04 AM (IST)

Himalaya Diwas 2023 आज हिमालय दिवस है। इस खास मौके पर प्रकृति की हालत को सुधारने के लिए मंथन होगा। ...और पढ़ें

आज है हिमालय दिवस, राज्यपाल ने दी बधाई; जलवायु परिवर्तन पर होगा मंथन
आज है हिमालय दिवस, राज्यपाल ने दी बधाई; जलवायु परिवर्तन पर होगा मंथन

देहरादून, राज्य ब्यूरो। आज हिमालय दिवस है। इस खास दिन हम हिमालय दिवस की 14वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इस खास मौके पर राज्यभर में हिमालयी क्षेत्र में जलवायु परिवर्तन व आपदाओं से पड़ रहे असर और इससे निपटने के उपायों पर मंथन होगा। हिमालय के प्रति सबकी समझ बने, इस संदेश के साथ देहरादून में जुलूस का आयोजन किया गया है।

वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान में हिमालयी क्षेत्र में आपदाएं, इसके कारण और समाधान पर विमर्श होगा। हिमालयन इन्वायरमेंट स्टडीज एंड कंजर्वेशन ऑर्गनाइजेशन (हेस्को) के संस्थापक पद्मभूषण डा अनिल प्रकाश जोशी ने उक्त जानकारी दी।

हिमालय दिवस पर होंगे कार्यक्रम

डा अनिल प्रकाश जोशी ने बताया कि न केवल उत्तराखंड, बल्कि अन्य हिमालयी राज्यों में भी हिमालय दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम होंगे, जिनमें विज्ञानियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही हिमालयी क्षेत्र में आई आपदाओं में मारे गए व्यक्तियों को भी श्रद्धांजलि दी जाएगी।

राज्यपाल ने दी हिमालय दिवस की बधाई

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने सभी प्रदेशवासियों को हिमालय दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि पर्वतराज हिमालय भारत ही नहीं, अपितु पूरे विश्व की अमूल्य धरोहर है। मानव जीवन की सुरक्षा, सभ्यता और संस्कृति के केंद्र हिमालय के संरक्षण के लिए जनसहभागिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि हिमालय का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

खतरे में है हिमालय

बदली परिस्थितियों में हिमालयी क्षेत्र और यहां के निवासी तमाम समस्याओं से जूझते आ रहे हैं। प्रत्येक हिमालयी राज्य की अलग-अलग कठिनाइयां हैं, जो अभी तक हल नहीं हो पाई हैं। इसके पीछे कुछ सरकारी उपेक्षा जिम्मेदार है तो कुछ विकास का पैमाना अलग होना इसका कारण माना जा सकता है। हिमालय सबकी आवश्यकता है। यह ठीक रहेगा तो सभी के हित सुरक्षित रहेंगे। इसी दृष्टिकोण के आधार पर हिमालय क्षेत्रों के लिए व्यापक नीति बनाने पर जोर दिया जा रहा है।