यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 25, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तीन और शिक्षकों की डिग्री मिली फर्जी, ऐसे शिक्षकों की संख्या पहुंची 68 के पार
सीबीसीआइडी की एसआइटी ने फर्जी दस्तावेजों से नौकरी हासिल करने वाले तीन और शिक्षकों के खिलाफ मुकदमे के संस्तुति कर ...और पढ़ें

देहरादून, जेएनएन। सीबीसीआइडी की एसआइटी ने फर्जी दस्तावेजों से नौकरी हासिल करने वाले तीन और शिक्षकों के खिलाफ मुकदमे के संस्तुति कर दी है। आरोपित शिक्षक वर्तमान में हरिद्वार जिले में तैनात हैं। इधर, प्रदेश में फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाने वाले शिक्षकों की संख्या 68 के पार पहुंच गई है।
सरकार ने फर्जी दस्तावेजों से नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों के खिलाफ एसआइटी जांच के आदेश दिए थे। इस मामले में सीबीसीआइडी की एसआइटी करीब 25 हजार शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच कर रही है। अभी तक पांच हजार प्रमाणपत्रों की जांच हुई है। इसमें 65 शिक्षकों के खिलाफ जांच अधिकारी रही एएसपी श्वेता चौबे पहले ही मुकदमे की कार्रवाई कर चुकी हैं। वर्तमान में जांच एएसपी सरिता डोवाल कर रही हैं। जांच के दौरान तीन शिक्षकों के मूल निवास, आय और शैक्षिक प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं। ये शिक्षक हरिद्वार जिले में तैनात हैं। तीनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एसआइटी ने शिक्षा विभाग को संस्तुति कर दी है।
आइजी सीबीसीआइडी पीएस रावत ने बताया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर रहे शिक्षकों के खिलाफ एसआइटी की जांच जारी है। अभी सत्यापन का कार्य चल रहा है। सत्यापन में जो जानकारी मिल रही है, उसके आधार पर कार्रवाई की जा रही है। मुकदमे की संस्तुति शिक्षा विभाग को गई है।
