उत्तराखंड: शिक्षक-कर्मचारियों की अनुदान जारी रखने की मांग, एक हफ्ते से काली पट्टी बांध कर रहे प्रदर्शन
राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 में छेड़छाड़ के विरोध में सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने शनिवार को भी कालीपट्टी बांधकर विरोध-प्रदर्शन किया। शिक्षकों की मांग है कि अशासकीय कॉलेजों को मिलने वाला अनुदान जारी रखा जाए।

जागरण संवाददता, देहरादून। राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1973 में छेड़छाड़ के विरोध में सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने शनिवार को भी कालीपट्टी बांधकर विरोध-प्रदर्शन किया। शिक्षकों की मांग है कि अशासकीय कॉलेजों को मिलने वाला अनुदान जारी रखा जाए। ऐसा न होने पर अशासकीय महाविद्यालय बंद होने की कगार पर पहुंच जाएंगे, जिससे लाखों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
डीएवी, डीबीएस, एमकेपी और श्री गुरु राम राय पीजी कॉलेज समेत हरिद्वार व रुड़की के अशासकीय कॉलेजों में शिक्षक-कर्मचारी हाथों में काली पट्टी बांधकर पिछले एक सप्ताह से प्रदर्शन कर रहे हैं। एचएनबी गढ़वाल विवि-महाविद्यालय संघ के महासचिव डॉ. डीके त्यागी ने कहा कि अशासकीय कॉलेजों में प्रदेशभर के अधिकांश छात्र पढ़ते हैं। इन कॉलेजों की पढ़ाई गुणवत्ता में भी अन्य कॉलेजों से अच्छी है। यही वजह है कि यहां के छात्र प्रदेश और देश के शीर्ष प्रशासनिक पदों तक पहुंचते हैं। ऐसे में कॉलेजों का अनुदान बंद करना समझ से परे है। इससे शिक्षक-कर्मचारियों के वेतन पर संकट मंडराएगा। साथ ही छात्रों की पढ़ाई पर भी बुरा असर पड़ेगा। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत सिंह ने कहा कि उनका संघर्ष जारी रहेगा।
व्यक्तित्व निर्माण में स्कूल का अहम योगदान: बाजवा
किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में उसके स्कूल का अहम योगदान होता है। स्कूली पढ़ाई के दौरान अभिभावक, शिक्षक एवं दोस्तों के बीच रहकर बच्चों की जो सोच एवं समझ विकसित होती है, वही उसके साथ जीवनभर चलती है। यह बात गूगल क्लाउड के प्रबंध निदेशक करन बाजवा ने वेल्हम ब्वॉयज स्कूल के 83वें स्थापना दिवस के मौके पर कही।
शनिवार को ऑनलाइन आयोजित स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन करते हुए करन बाजवा ने सभी से कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी बातें ध्यान में रखने को कहा। इस मौके पर स्कूल की प्रिंसिपल संगीता केन ने वार्षिक रिपोर्ट पेश की। वेल्हम ब्वॉयज स्कूल के अध्यक्ष दर्शन सिंह ने सभी को बधाई देते हुए इस कठिन दौर में स्कूल के साथ बने रहने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि हमें कोरोना के नकारात्मक पहलुओं के अलावा कोरोना के बीच मिले अवसरों को भी ध्यान में रखना होगा। स्कूल के कप्तान सानिध्य अग्रवाल ने भाषण में अपने अनुभव को साझा किया। वर्चुअल समारोह में छात्रों के लिए कला प्रदर्शनी और संगीत सभा का आयोजन भी किया गया। स्कूल के संगीत कप्तान राघव कथूरिया द्वारा एकल प्रस्तुति में भारतीय और पश्चिमी संगीत की पेशकश दी गई।
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