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लंदन में भी घुल रही देहरादून की 'रोजसेंटेड' लीची की मिठास...क्‍या आपने चखा है इसका स्‍वाद?

Dehradun Litchi वर्ष 1910 में स्थापित सर्किट हाउस राजकीय उद्यान में उत्पादित देहरादूनी रोजसेंटेड लीची ने इस बार लंदन की सैर की है। देहरादून की दून एग्रो इंटरनेशनल फर्म ने एपीडा के सहयोग से दिल्ली से फायटोसेनेटरी सर्टिफिकेट प्राप्त कर यह लीची लंदन भेजी है। राज्य गठन के बाद यह पहली बार है जब इस ऐतिहासिक उद्यान में उत्पादित देहरादूनी लीची का निर्यात हुआ है।

By kedar dutt Edited By: Nirmala Bohra Thu, 11 Jul 2024 12:00 PM (IST)
Dehradun Litchi: आठ क्विंटल लीची लंदन भेजी गई

राज्य ब्यूरो, जागरण देहरादून। Dehradun Litchi: शहर की पहचान देहरादूनी रोजसेंटेड लीची की मिठास अब विदेश में भी घुल रही है। उद्यान विभाग के देहरादून स्थित सर्किट हाउस राजकीय उद्यान से आठ क्विंटल लीची लंदन भेजी गई है। राज्य गठन के बाद यह पहली बार है, जब इस ऐतिहासिक उद्यान में उत्पादित देहरादूनी लीची का निर्यात हुआ है।

देहरादून की दून एग्रो इंटरनेशनल फर्म ने एपीडा के सहयोग से दिल्ली से फायटोसेनेटरी सर्टिफिकेट प्राप्त कर यह लीची लंदन भेजी है। इसी फर्म को सर्किट हाउस उद्यान में इस बार लीची व आम का ठेका दिया गया है।

देहरादूनी लीची दून की पहचान

  • गुलाब की सुगंध वाली सुर्ख देहरादूनी लीची दून की पहचान है।
  • देहरादून पहुंचने वाला हर शख्स सीजन में देहरादूनी लीची को ढूंढता है।
  • यद्यपि, बढ़ते शहरीकरण की मार से यह लीची भी अछूती नहीं रही है। नतीजा, लीची के सिमटते बाग और निरंतर बढ़ते कंक्रीट के जंगल के रूप में आया है। जाहिर है कि देहरादूनी रोजसेंटेड लीची के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है।
  • सर्किट हाउस राजकीय उद्यान के साथ ही कुछेक बागीचों में ही दून की यह पहचान सिमटकर रह गई है।

रोजसेंटेड लीची ने इस बार लंदन की सैर की

वर्ष 1910 में स्थापित सर्किट हाउस राजकीय उद्यान में उत्पादित देहरादूनी रोजसेंटेड लीची ने इस बार लंदन की सैर की है। दरअसल, उद्यान में आम व लीची का ठेका लेने वाली फर्म दून एग्रो इंटरनेशनल ने लीची के निर्यात की योजना बनाई। फर्म के निदेशक अली शान के अनुसार लीची की गुणवत्ता समेत विभिन्न बिंदुओं को कदम उठाए गए। उद्यान प्रभारी दीपक पुरोहित का इसमें सहयोग लिया गया। मौसम की मार देहरादूनी पर न पड़े, इसके लिए फल के गुच्छों पर जापान से मंगाए गए वाटर प्रूफ बैग लगाए गए।

अली शान ने बताया कि लीची के निर्यात के लिए फायटोसेनेटरी सर्टिफिकेट अनिवार्य होता है। राज्य में इसके लिए फायटोसेनेटरी लैब नहीं है, जो इसे जारी कर सके। इस बीच लंदन की कंपनी से आठ क्विंटल लीची की डिमांड आने पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत गठित एपीडा (एग्रीकल्चर एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथारिटी) के सहयोग से दिल्ली स्थित फायटोसेनेटरी लैब से सर्टिफिकेट प्राप्त किया गया। इसमें फल की गुणवत्ता समेत अन्य मानकों को कसौटी पर परखा जाता है।

आठ क्विंटल देहरादूनी रोजसेंटड लीची लंदन भेजी

सर्टिफिकेट मिलने के बाद 13 बाक्स में आठ क्विंटल देहरादूनी रोजसेंटड लीची की खेप लंदन भेज दी गई। उद्यान विभाग के उपनिदेशक डा महेंद्र पाल के अनुसार सर्किट हाउस उद्यान में उत्पादित लीची उच्च गुणवत्ता की है। उन्होंने कहा कि राज्य में फायटोसेनेटरी लैब के लिए प्रयास किए जाएंगे, ताकि यहां से अन्य फल, सब्जी का भी निर्यात हो सके।