जागरण संवाददाता, विकासनगर: राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में वंचित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने सरकार पर सौतेले व्यवहार और योजना में धांधली का आरोप लगाते हुए तहसील परिसर में बेमियादी धरना और क्रमिक अनशन जारी रखा। आंदोलन के 12वें दिन धरने पर बैठीं महिलाओं को पूर्व मंडी चेयरमैन विपुल जैन ने समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि समूह की महिलाओं की मांग जायज है, इस पर सरकार को विचार करना होगा।

एनआरएलएम में लंबे समय से हो रही अव्यवस्था और विसंगति से शासन-प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी हल नहीं निकाला जा रहा है। बाल विकास विभाग, शासन और प्रशासन ने छह साल से कुछ समूहों को ही टेक होम राशन का काम दिया हुआ है, जबकि यह कार्य रोटेशन में होना चाहिए, जिससे सभी समूह को काम मिल सके। पूर्व मंडी अध्यक्ष विकासनगर विपुल जैन ने स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को रोजगार सुनिश्चित कराने में हर संभव मदद का भरोसा दिया। उन्होंने फोन पर मुख्यमंत्री के निजी सचिव से बात कर समस्या का हल निकालने की मांग की। मंडी के पूर्व चेयरमैन जैन ने सरकार से आग्रह किया कि सर्दी में क्रमिक अनशन पर बैठी मातृशक्ति की समस्या जल्द हल की जाए। कहा कि, सहसपुर के सभी महिला समूह की ओर से निर्मित उत्पाद चार धाम में और प्रदेश के पर्यटक आवास गृह और होटल में अनिवार्य किए जाने से इनके आय का साधन सुनिश्चित हो सकता था। बड़े स्टोर में समूह की ओर से निर्मित पर्स, बैग आदि सामान रखने की योजना पर निर्णय लिया जाना चाहिए। पूर्व मंडी चेयरमैन ने 50 पत्र महिलाओं के माध्यम से प्रधानमंत्री को प्रेषित किए हैं। आंदोलन स्थल पर अध्यक्ष कल्पना बिष्ट, मीनू श्रीवास्तव, सायरा बानो, सरोज गांधी, रीना सैनी, दीपा रावत, नीरू त्यागी, नाजमा इकबाल, कविता, अंजू चौहान आदि मौजूद रहे।

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