ऋषिकेश, जेएनएन। प्रख्यात सूफी गायक कैलाश खेर ने कहा कि मेरे जीवन में गीत-संगीत गंगा की देन है। उन्होंने कहा कि संगीत में दिव्यता और आनंद में गंगा तट पर बसी नगरी ऋषिकेश का बड़ा योगदान रहा है।

वह ऋषिकेश में फिक्की लेडीज आर्गनाइजेशन (फ्लो) के कार्यक्रम 'स्वयं का सबसे अच्छा संस्करण बनाना' को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मेरा प्रयास है कि मेरे जीवन और संगीत से समाज के लिये कुछ ऐसा हो, जो लोगों के जीवन को संगीत बनाए और सभी को गले लगाने का मंत्र दे। अब बात चाहे स्वच्छता की हो या फिर संगीत की मेरा जीवन हमेशा इसके लिये समर्पित रहेगा।

कार्यक्रम में परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि मनुष्य को सिर्फ अपने लिए ही नहीं जीना चाहिए, बल्कि जीना वही श्रेष्ठ है, जो समाज के भी काम आए। जीवा की अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष साध्वी भगवती ने कहा कि हमें बेहतर दुनिया बनाने के लिए खुद को तैयार करना होगा। उन्होने कहा कि हमें अपने खुद का एक श्रेष्ठ संस्करण बनाना है तो सबसे पहले अपने दिमाग को और अपनी सोच को बेहतर बनाना होगा। 

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फिक्की लेडीज आर्गनाइजेशन (फ्लो) पुणे चैप्टर की चेयरपर्सन रितु प्रकाश छाबड़िया ने संगठन की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और कहा कि हम उद्यमी और पेशेवर महिलाओं के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने का संकल्प लिया गया। 

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Posted By: Bhanu

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