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UKSSSC Paper Leak: उत्‍तराखंड में सख्त नकलरोधी कानून का असर, 13 परीक्षाओं पर नहीं उठी अंगुली

Published: Sun, 12 Oct 2025 01:25 PM (IST)Updated: Sun, 12 Oct 2025 01:26 PM (IST)

उत्तराखंड में सख्त नकलरोधी कानून लागू होने के बाद UKSSSC की 13 परीक्षाओं पर कोई सवाल नहीं उठा। इस कानून ...और पढ़ें

समूह ग के 3086 पदों के लिए आयोजित की गई अलग-अलग परीक्षाएं. Concept Photo

समूह ग के 3086 पदों के लिए आयोजित की गई अलग-अलग परीक्षाएं. Concept Photo

HighLights

  1. नकलरोधी कानून से परीक्षाओं में पारदर्शिता

  2. 13 UKSSSC परीक्षाएं बिना विवाद संपन्न

  3. भ्रष्टाचार पर लगी लगाम

अशोक केडियाल, जागरण, देहरादून । राज्य में सख्त नकलरोधी कानून लागू होने के बाद उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने 13 भर्ती परीक्षाएं आयोजित की, जिनमें कोई उंगली नहीं उठी। अलबत्ता, 21 सितंबर को हुई स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा ही ऐसी रही, जिसमें प्रश्नपत्र के कुछ अंश बाहर आने का प्रकरण सामने आया। यद्यपि, वर्ष 2023 से पहले की कई भर्ती परीक्षाओं पर अंगुलियां उठती रही हैं।

भर्ती परीक्षाओं की शुचिता के लिए धामी सरकार ने राज्य में लागू नकल रोधी कानून में संशोधन करते हुए इसके प्रविधानों को सख्त किया। यह संशोधित नकल रोधी कानून 10 फरवरी, 2023 को लागू हुआ। इसमें भर्ती परीक्षाओं में धोखाधड़ी, नकल और पेपर लीक जैसी गतिविधियों को रोकने के लिए सजा व जुर्माने से संबंधित कड़े प्रविधान किए गए। इस कानून के लागू होने बाद यूकेएसएसएससी ने समूह ग की 13 भर्ती परीक्षाएं 3086 पदों के लिए आयोजित की।

इनमें जूनियर असिस्टेंट, कंम्प्यूटर असिस्टेंट, सहायक अध्यापक (एलटी) सहायक अध्यापक कंप्यूटर शिक्षक, असिस्टेंट सोशल वेलफेयर विभाग, आबकारी विभाग में आरक्षी, परिवहन आरक्षी, उप आबकारी निरीक्षक, होटल मैनेजर ग्रेड तृतीय, महिला हाउसकीपर, पुलिस आरक्षी जिला पुलिस, पुलिस आरक्षी पीएसी, कनिष्ठ सहायक परीक्षा, फोटोग्राफी, स्नातक सहायक, प्रतिरूप सहायक, विज्ञानी सहायक, सहायक लेखाकार, मशरूम पर्यवेक्षक वर्ग-तीन पदों की परीक्षाएं शामिल हैं।

2023 से पहले ये परीक्षाएं की गई थी रद

सख्त नकल रोधी कानून लागू होने से पहले तमाम भर्ती परीक्षाओं पर अंगुलियां उठती रही हैं। पीछे मुड़कर देखें तो वर्ष 2021 में जुलाई में 316 पदों के लिए वन दारोगा और सितंबर को 33 पदों पर आयोजित सचिवालय रक्षक भर्ती में परीक्षा होने से पहले ही पेपर लीक हो गया था। इन मामलों में एसटीएफ ने मुकदमा दर्ज किया था। तब एसटीएफ ने नकल करने वाले 133 अभ्यर्थियों के बयान दर्ज किए थे, जबकि 80 के पते सहीं नहीं मिले ।

इसी तरह से वन दारोगा भर्ती में छह अभ्यर्थी गिरफ्तार किए गए थे। इसमें 22 संदिग्धों से पूछताछ हुई और 144 का सत्यापन किया गया। सचिवालय रक्षक भर्ती में 12 अभ्यर्थियों की नकल करने में सहभागिता मिली थी, जबकि 20 शक के दायरे में थे। स्नातक स्तरीय परीक्षा के लिए 13 विभागों के 916 पदों की भर्ती परीक्षा चार एवं पांच दिसंबर 2021 को हुई थी।

छह माह बाद 22 जुलाई 2022 को उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने इस भर्ती परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की। यद्यपि, इन परीक्षाओं के परिणाम भी जारी हुए और सफल अभ्यर्थियों के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच कर उन्हें नियुक्तियां भी मिल गईं, लेकिन बाद में पता चला कि इनमें नकल हुई थी। इसके बाद भेद खुलते चलते गए और फिर एक के बाद एक 13 परीक्षाएं रद कर दी गई थीं। इन मामलों में 100 से अधिक गिरफ्तारियां हुई थीं।

समूह-ग के 416 स्नातक स्तरीय पदों के लिए की जाने वाली परीक्षा आयोग तीन माह के भीतर आयोजित करेगा। इस परीक्षा के लिए किसी भी अभ्यर्थी को नये सिरे से आवेदन करने की जरूरत नहीं है। आगे घोषित की जानी वाली परीक्षा तिथि में वहीं परीक्षार्थी शामिल हाेंगे, जिन्होंने 21 सितंबर 2025 की परीक्षा की दी। इस परीक्षा से अनुपस्थित रहे अभ्यर्थी आगे भी परीक्षा के पात्र नहीं होंगे।

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- जीएस मार्ताेलिया, अध्यक्ष यूकेएसएसएससी